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अंकिता भंडारी को न्याय की मांग: श्री बद्रीश कॉलोनी में निकला मौन कैंडल मार्च, सीबीआई जांच की उठी एकजुट आवाज

ऋषिकेश | उत्तराखंड
दिनांक: 09 जनवरी 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में उठ रही न्याय की आवाज के बीच श्री बद्रीश कॉलोनी संयुक्त जन कल्याण समिति ने एक अनुकरणीय सामाजिक पहल की। 9 जनवरी 2026 को कॉलोनीवासियों द्वारा मौन एवं कैंडल मार्च निकालकर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की गई। यह मार्च अप्पर बद्रीश कॉलोनी से फवारा चौक तक शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया।


मौन मार्च के जरिए दिया गया एकता और संवेदना का संदेश

कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां और आंखों में न्याय की उम्मीद लिए लोगों ने मौन रहकर समाज और शासन को यह संदेश दिया कि अंकिता को इंसाफ दिलाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।


राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर दिखी सामाजिक एकजुटता

इस आयोजन की सबसे अहम बात यह रही कि कॉलोनी में अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थक होने के बावजूद सभी ने एकजुट होकर हिस्सा लिया।
कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर हम सभी एक हैं।


मातृशक्ति का आक्रोश, न्याय की बुलंद मांग

कैंडल मार्च में मातृशक्ति की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। महिलाओं ने अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और दोषियों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई जांच को अनिवार्य बताया।
महिलाओं की आंखों में दर्द और आवाज में दृढ़ संकल्प साफ झलक रहा था।


समिति पदाधिकारियों ने जताया आभार

इस सफल आयोजन के लिए वरिष्ठ संयोजक वीरेंद्र सिंह नेगी और समिति अध्यक्ष चित्रपाल सजवाण ने समस्त कॉलोनीवासियों का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की जागरूकता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जो आगे भी न्याय की लड़ाई को मजबूती देगा।


प्रतिष्ठित नागरिकों की रही सक्रिय भागीदारी

इस मौन कैंडल मार्च में क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित और गणमान्य नागरिकों की भागीदारी रही। इनमें प्रमुख रूप से
सरला बागड़ी, विमला रावत, विजय लक्ष्मी रणाकोटी, प्रीति सजवाण, रुचि रावत, लता रावत, पूर्व प्रधान गुणा देवी, उर्मिला उनियाल, सुनीता रावत, शीला बागड़ी, उर्मिला बागड़ी, अशोक बलूनी, के.पी. उनियाल, प्रदीप नवानी, एसपी राजेंद्र बलूनी (सेवानिवृत्त), डीएसपी कैलाश कोठियाल (सेवानिवृत्त), विक्रम नेगी, प्रधानाध्यापक आनंद बिष्ट (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एस. बेलवाल, आनंद रावत, देवेंद्र परमार, एस.आर. बहुगुणा, बी.एस. राणा सहित अनेक नागरिक शामिल रहे।


निष्कर्ष

श्री बद्रीश कॉलोनी का यह मौन एवं कैंडल मार्च केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि न्याय, संवेदना और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।
कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट कर दिया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरे सच से पर्दा नहीं उठता। यह आयोजन समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि न्याय की लड़ाई में चुप्पी नहीं, एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है।

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