देहरादून | 26 दिसंबर 2025
अंकिता भंडारी हत्याकांड की आड़ में सामने आए नए विवादों को लेकर दून पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर पर लगे गंभीर आरोपों की अब गहन पड़ताल की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में ब्लैकमेलिंग, अश्लील सामग्री प्रसारित करने, एआई के आपराधिक उपयोग और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने जैसे आरोपों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
एसएसपी के सख्त निर्देश, पुराने वीडियो और मुकदमे खंगाले जाएंगे
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जांच अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उर्मिला के अब तक के सभी सोशल मीडिया वीडियो, पोस्ट और उनके खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमों की बारीकी से जांच की जाए। एसएसपी ने कहा कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की साजिश या दुरुपयोग को समय रहते उजागर किया जा सके।
ब्लैकमेलिंग और एआई से अश्लील वीडियो बनाने के आरोप
पुलिस के अनुसार, उर्मिला पर आरोप है कि वह अंकिता हत्याकांड का नाम इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर रही है। सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच ब्लैकमेलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये अश्लील वीडियो तैयार कर वायरल करने की धमकी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी जांच अब प्राथमिकता पर की जा रही है।
आरती गौड़ के दो मुकदमे, सहारनपुर पुलिस से संपर्क
नेहरू कॉलोनी पुलिस ने इस मामले में सहारनपुर पुलिस से भी संपर्क साधा है। यहां पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने उर्मिला के खिलाफ पहले से एक मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। इसके अलावा बुधवार को नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज दूसरे मुकदमे में आरती गौड़ ने आरोप लगाया कि पुराने मुकदमे की रंजिश में उर्मिला उनके खिलाफ लगातार आपत्तिजनक वीडियो बना रही है।
आत्महत्या के लिए उकसाने का भी आरोप
आरती गौड़ ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें एआई तकनीक के माध्यम से अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, आरोप है कि मानसिक दबाव बनाकर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रयास भी किया जा रहा है। पुलिस इन आरोपों को भी गंभीरता से जांच में शामिल कर रही है।
वायरल ऑडियो-वीडियो जाएंगे एफएसएल लैब
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच की तैयारी शुरू कर दी है। वायरल ऑडियो-वीडियो को एफएसएल लैब भेजा जाएगा, ताकि उनकी सत्यता, एडिटिंग और एआई के इस्तेमाल की पुष्टि की जा सके। नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि जांच तेजी से चल रही है और हर डिजिटल साक्ष्य की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
निष्कर्ष
अंकिता हत्याकांड से जुड़े इस नए घटनाक्रम ने मामले को और जटिल बना दिया है। दून पुलिस अब भावनात्मक मुद्दों से इतर, तकनीकी और कानूनी आधार पर हर पहलू की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के पीछे साजिश है या फिर कानून के दायरे में आने वाले गंभीर अपराध। फिलहाल, सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


