देहरादून | 24 दिसंबर 2025
अंकिता हत्याकांड से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तराखंड में एक बार फिर जनभावनाएं उबाल पर आ गई हैं। वीडियो में कथित तौर पर वीआईपी के नाम का उल्लेख होने से मामला दोबारा सुर्खियों में है। इसी को लेकर कांग्रेस ने सीबीआई जांच और वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में व्यापक प्रदर्शन किया।
सभी जिलों में जुलूस और पुतला दहन
सरकार पर आरोप— ‘अपराधियों को बचाने की कोशिश’
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और जगह-जगह पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है और मामले की निष्पक्ष जांच में लगातार देरी हो रही है।
कर्णप्रयाग में उग्र प्रदर्शन
पूर्व सांसद का पुतला जलाया
कर्णप्रयाग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजार में जुलूस निकालते हुए एक पूर्व सांसद का पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि वायरल वीडियो में जिस तरह वीआईपी का उल्लेख किया गया है, वह मामले को और गंभीर बनाता है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
रुद्रप्रयाग में नारेबाजी
निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग
रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में सच्चाई को दबाया जा रहा है। कांग्रेस ने हत्याकांड में कथित पूर्व सांसद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि मामले में शामिल वीआईपी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा,
“अंकिता पहाड़ की बेटी थी, जिसकी निर्ममता से हत्या की गई। आज तक उसे पूरा न्याय नहीं मिल पाया, यह पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है।”
श्रीनगर में भाजपा नेता का पुतला दहन
‘वीआईपी का चेहरा सामने आना शर्मनाक’
श्रीनगर (गढ़वाल) के गोला पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेता का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता हत्याकांड एक सुनियोजित आपराधिक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वीआईपी के नाम पर एक राष्ट्रीय नेता का चेहरा सामने आना लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
न्याय की मांग पर थमने को तैयार नहीं कांग्रेस
अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का यह प्रदेशव्यापी आंदोलन दर्शाता है कि यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि जनभावनाओं और न्याय की लड़ाई बन चुका है। कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता और निष्पक्ष जांच के जरिए दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।


