देहरादून | 26 दिसंबर 2025
अंकिता हत्याकांड से जुड़े एक वायरल वीडियो और कथित ऑडियो क्लिप को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे आपराधिक साजिश करार दिया है। उन्होंने इस संबंध में गृह सचिव को एक विस्तृत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी ऑडियो बनाकर बदनाम करने का आरोप
दुष्यंत गौतम ने अपने पत्र में कहा है कि कुछ आपराधिक तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से एक फर्जी और मनगढ़त ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की गई है। इस साजिश का उद्देश्य उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस झूठी सामग्री को जानबूझकर मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाया जा रहा है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
अंकिता हत्याकांड में उर्मिला सनावर से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने लगा, जिसके बाद उन्होंने गृह सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह देशभर में एक प्रतिष्ठित सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और इस तरह की झूठी सामग्री से न केवल उन्हें, बल्कि समाज को भी भ्रमित किया जा रहा है।
28 फेसबुक आईडी समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट का जिक्र
पत्र में दुष्यंत गौतम ने विस्तार से उन प्लेटफॉर्म्स का उल्लेख किया है, जहां से कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। इसमें उर्मिला सनावर समेत 28 फेसबुक आईडी, उनके ई-मेल और फोन नंबर, 9 इंस्टाग्राम हैंडल, 8 यूट्यूब चैनल और 2 एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के नाम शामिल हैं।
आपत्तिजनक सामग्री हटाने और प्रसार पर रोक की मांग
दुष्यंत गौतम ने गृह सचिव से अनुरोध किया है कि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और समाचार चैनलों को निर्देशित किया जाए कि वे इस तरह की सभी आपत्तिजनक, झूठी और दुर्भावनापूर्ण सामग्री को तत्काल हटाएं और इसके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
सबूत के तौर पर पेन ड्राइव संलग्न
उन्होंने बताया कि जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैनलों से यह सामग्री प्रसारित हुई है, वहां से डाउनलोड किए गए सभी वीडियो, ऑडियो और अन्य सामग्री को पेन ड्राइव में संलग्न कर पत्र के साथ भेजा गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
निष्कर्ष
अंकिता हत्याकांड से जुड़े इस नए घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। दुष्यंत गौतम द्वारा लगाए गए आपराधिक साजिश के आरोपों के बाद अब निगाहें गृह सचिव और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आने पर दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।


