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    अंकिता हत्याकांड पर दुष्यंत गौतम का पलटवार: बोले—मेरे खिलाफ रची जा रही साजिश, सबूत मिले तो संन्यास ले लूंगा

    देहरादून | 27 दिसंबर 2025

    वायरल आरोपों के बीच पहली बार सामने आए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव

    बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों के बाद आखिरकार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से सामने आए। अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित आपराधिक षडयंत्र रचा जा रहा है।


    “47 वर्षों का सार्वजनिक जीवन, दागदार करने की कोशिश”

    मीडिया में जारी एक वीडियो बयान में दुष्यंत गौतम ने कहा कि वह पिछले 47 वर्षों से राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा नैतिक मूल्यों, भारतीय जनता पार्टी की साख और समाज में बहन-बेटियों की गरिमा को सर्वोपरि रखा है। आज तक उनके चरित्र पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा है।


    दुखी मन से जनता के सामने आया हूं: गौतम

    दुष्यंत गौतम ने भावुक अंदाज में कहा कि वह बेहद दुखी होकर जनता के सामने आए हैं। कुछ असामाजिक और गलत प्रवृत्ति के लोग लगातार उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया में जिस तरह से वीडियो और आरोप प्रसारित किए जा रहे हैं, उनके स्रोत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों की प्रमाणिकता सामने लाई जानी चाहिए।


    जांच के लिए तैयार, षडयंत्रकारियों पर होगी कानूनी कार्रवाई

    भाजपा प्रदेश प्रभारी ने साफ कहा कि वह हर प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, उन सभी की जांच कराई जाएगी। साथ ही, इस कथित षडयंत्र को रचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मानहानि का मुकदमा भी दायर किया जाएगा।


    “सबूत मिले तो सार्वजनिक जीवन से संन्यास”

    दुष्यंत गौतम ने दो टूक कहा कि यदि उनके विरुद्ध कोई भी ठोस और प्रमाणिक सबूत सामने आता है, तो वह राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास ले लेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता जैसी बेटी के नाम का बार-बार दुरुपयोग कर माहौल बनाने की कोशिश न सिर्फ उनका, बल्कि मां-बहन-बेटियों की गरिमा का भी अपमान है।


    गृह सचिव को लिखा पत्र

    उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने गृह सचिव को भी पत्र भेजा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। गौतम ने कहा कि चरित्र हनन और झूठे आरोप लगाने वालों को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।


    निष्कर्ष

    अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों ने अब राजनीतिक रूप से नया मोड़ ले लिया है। दुष्यंत गौतम के सार्वजनिक बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां क्या निष्कर्ष निकालती हैं और क्या आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सामने आता है। यह प्रकरण आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति को और गर्मा सकता है।

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