देहरादून | बुधवार, 11 मार्च 2026
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राजधानी देहरादून में हुए सनसनीखेज गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत कराई गई वारदात थी। पुलिस अब इस मामले में साजिश रचने वाले आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
देहरादून के चर्चित इस हत्याकांड में चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा पर ही सुपारी देकर हत्या करवाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार इस साजिश में उसके साथ विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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तिब्बती मार्केट के बाहर मारी गई थी गोली
गौरतलब है कि 11 फरवरी 2026 को देहरादून के तिब्बती मार्केट के बाहर दिनदहाड़े दो हमलावरों ने गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल अर्जुन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी थी।
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25 दिन पहले रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड की साजिश करीब 25 दिन पहले ही रची जा चुकी थी। जांच के मुताबिक जनवरी महीने में ही बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने मिलकर अर्जुन शर्मा की हत्या की योजना तैयार कर ली थी।
इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए भाड़े के शूटरों की तलाश शुरू की, जो अंततः विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज राणा तक पहुंची।
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12 लाख रुपये में ली गई सुपारी
जांच में सामने आया है कि पंकज राणा ने 12 लाख रुपये में अर्जुन शर्मा की हत्या की सुपारी ली थी। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने अपने भाई राजीव उर्फ राजू को भी साथ मिला लिया।
पुलिस के अनुसार राजीव का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसने 1997 में अपने सौतेले पिता की हत्या की थी और इस मामले में वह जेल भी जा चुका है। करीब चार-पांच साल जेल में रहने के बाद वह बाहर आ गया था।
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मां ने ही कराई थी बेटे की रेकी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन शर्मा की रेकी खुद उसकी मां बीना शर्मा ने कराई थी। उसने अमरदीप गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की दिनचर्या, आने-जाने के समय और ठिकानों की जानकारी जुटाई थी।
कई दिनों तक योजना को पुख्ता करने के बाद आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
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व्हाट्सएप कॉल से जुड़े साक्ष्य
पुलिस की विवेचना में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले और घटना के बाद आरोपी पंकज राणा ने विनोद उनियाल से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया था। डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया है, जिससे साजिश के कई अहम सुराग मिले हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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निष्कर्ष
देहरादून का यह हत्याकांड न केवल आपराधिक दृष्टि से गंभीर है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी कटघरे में खड़ा करने वाला मामला बन गया है। पुलिस की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और अब गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी से आरोपियों पर कानूनी शिकंजा और कसने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस चर्चित हत्याकांड में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।


