डोईवाला/देहरादून।
डोईवाला से देहरादून जाने वाले लोगों के लिए एक सावधानी भरी खबर है। लच्छीवाला टोल प्लाजा के आसपास मादा हाथी अपने बच्चों के साथ लगातार सक्रिय है। हाथियों के इस मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है और खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से कोई भी छेड़छाड़ या वीडियो बनाने की कोशिश न करने की सख्त हिदायत दी है।
क्यों बढ़ा खतरा?
लच्छीवाला का इलाका वर्षों से हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर का हिस्सा रहा है।
- अब टोल प्लाजा और सड़क निर्माण के चलते उनका आवागमन बाधित हो गया है।
- हाथियों को जंगल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए अब सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे संभावित मुठभेड़ के हालात बन रहे हैं।
खासकर रात में दिख रही मादा हाथी
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार:
- एक मादा हाथी अपने दो बच्चों के साथ पिछले कुछ दिनों से रात के समय टोल प्लाजा के आसपास घूम रही है।
- ऐसे में अगर वाहन चालक सावधानी नहीं बरतते, तो टक्कर या हमले की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
- मादा हाथी अत्यधिक रक्षात्मक होती है और जरा सी छेड़छाड़ या शोर-शराबा उसे आक्रामक बना सकता है।
वन विभाग की अपील
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी नत्थीलाल डोभाल ने बताया:
“यह इलाका हाथी बाहुल्य क्षेत्र है। हाथी नियमित रूप से जंगल पार कर नेचर पार्क की ओर जाते हैं। वाहन चालकों को चाहिए कि वे इस क्षेत्र से गुजरते समय धीमी गति से वाहन चलाएं, और कोई शोर न करें।”
वन विभाग ने यह भी अपील की है:
- हाथी दिखने पर कोई वीडियो न बनाएं
- उनके पास न जाएं, छेड़छाड़ न करें
- वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश से बचें
विभाग ने क्या-क्या कदम उठाए?
- गश्त बढ़ा दी गई है, खासकर रात के समय
- संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमें अलर्ट पर हैं
- हाथियों के मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है ताकि कोई दुर्घटना टाली जा सके
यह सिर्फ चेतावनी नहीं, जिम्मेदारी भी है
हाथी जैसे जंगली जीवों के पारंपरिक रूट में बाधा डालने का असर अब आमजन पर पड़ रहा है। ऐसे में ज़रूरी है कि
• हम जानवरों के साथ टकराव की जगह सहअस्तित्व की सोच रखें
• सावधानी से चलें, खासकर रात में और दोपहिया वाहन से
• जंगल के पास फोन कैमरा नहीं, सजगता जरूरी है


