देहरादून | 21 फरवरी 2026
उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतान को लेकर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) ने बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण ने 31 मार्च तक सभी लंबित दावों के निस्तारण की समयसीमा तय कर दी है। इसके लिए विशेष कार्ययोजना लागू करते हुए क्लेम प्रक्रिया की रोजाना निगरानी शुरू कर दी गई है।
समयबद्ध कार्ययोजना लागू, दैनिक मॉनिटरिंग शुरू
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि 31 मार्च तक हर हाल में सभी लंबित दावों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर दैनिक समीक्षा की जा रही है।
क्लेम रिव्यू कमेटी (सीआरसी) और मेडिकल ऑडिट कमेटी (एमएसी) की विशेष बैठकें बुलाई जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि तय समयसीमा के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण हो सके।
तकनीकी खामियों के कारण अटके थे भुगतान
प्रदेश में सूचीबद्ध अस्पतालों और कार्मिकों के इलाज से जुड़े बड़ी संख्या में दावे लंबित थे। प्राधिकरण के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण तकनीकी दिक्कतें और कुछ मामलों में त्रुटिपूर्ण दावा प्रस्तुतीकरण रहा।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल को टीएमएस-ए से अपग्रेड कर टीएमएस-2.0 किया गया था। पुराने पोर्टल का डाटा नए सिस्टम में स्थानांतरित करते समय शुरुआती चरण में कई तकनीकी समस्याएं सामने आईं।
इन तकनीकी बाधाओं के कारण दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित हो गए।
65 हजार से अधिक दावे समीक्षा में
एसएचए की क्लेम निदेशक डा. सरोज नैथानी ने जानकारी दी कि सीआरसी में लगभग 65 हजार और एमएसी में 55 हजार से अधिक दावे लंबित थे।
अब तक करीब आठ हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। शेष दावों की तेज गति से समीक्षा की जा रही है।
सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने लंबित भुगतानों को समय पर निपटाने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मांगी है। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण स्तर पर भी भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है, ताकि अस्पतालों को समय पर राशि मिल सके।
अब पोर्टल सुचारू, भुगतान में आएगी तेजी
अध्यक्ष ह्यांकी ने स्पष्ट किया कि अब टीएमएस-2.0 पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। जिन दावों की जांच में कोई त्रुटि नहीं पाई जाएगी, उनका तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि तय समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत लंबित दावों का निस्तारण कर लिया जाएगा।
निष्कर्ष
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतान का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था। अब राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की समयबद्ध कार्ययोजना से अस्पतालों और लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यदि 31 मार्च तक सभी दावों का निस्तारण हो जाता है, तो इससे न केवल स्वास्थ्य संस्थानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि योजना के प्रति भरोसा भी और मजबूत होगा।


