24 दिसंबर 2025 | बुधवार, स्थान: देहरादून
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
आयुष्मान और गोल्डन कार्ड में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने कर्मचारियों के कैशलैस उपचार को और प्रभावी बनाने के लिए अंशदान बढ़ाने का निर्णय लिया है।
-
आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजना अब पूरी तरह 100% इंश्योरेंस मोड में संचालित होगी।
-
गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड में चलाया जाएगा।
-
5 लाख रुपये तक के दावे इंश्योरेंस कंपनी से
-
5 लाख से अधिक के दावे ट्रस्ट मोड से चुकाए जाएंगे
-
इसके साथ ही, दुर्गम और अति-दुर्गम क्षेत्रों में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया गया है, जिससे लगभग 300 डॉक्टरों को लाभ मिलेगा।
चिकित्सा शिक्षा में सुधार
डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ी
उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी देते हुए:
-
प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवानिवृत्ति आयु 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई।
-
सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए अलग विभागों के गठन को भी हरी झंडी मिली।
-
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट, हल्द्वानी के लिए 4 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
कर्मचारियों को राहत
पेंशन और समान वेतन का मामला
-
सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा।
-
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन से जुड़े 277 कर्मचारियों के मामले को कैबिनेट उपसमिति को भेजा गया है।
किसानों और कलाकारों के लिए राहत
सेब के दाम तय, पेंशन दोगुनी
कृषि और संस्कृति क्षेत्र में भी अहम फैसले लिए गए:
-
धराली व आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में
-
रॉयल डिलीशियस सेब: 51 रुपये प्रति किलो
-
रेड डिलीशियस सेब: 45 रुपये प्रति किलो
-
-
कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दी गई।
उद्योग और व्यापार को बढ़ावा
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
-
नेचुरल गैस पर वैट की दर 20% से घटाकर 5% कर दी गई।
-
निम्न जोखिम वाले आवासीय व छोटे व्यावसायिक भवनों के नक्शे अब एम्पैनल्ड आर्किटेक्ट से पास कराए जा सकेंगे।
-
एमएसएमई और औद्योगिक इकाइयों के लिए ग्राउंड कवरेज बढ़ाया गया।
-
बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में बदलाव करते हुए तकनीकी स्टाफ को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने का निर्णय लिया गया।
निष्कर्ष
जनहित और विकास के संतुलन की दिशा में धामी सरकार
धामी कैबिनेट के ये फैसले साफ संकेत देते हैं कि सरकार स्वास्थ्य, रोजगार, किसान, कलाकार और उद्योग—सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास को प्राथमिकता दे रही है। कैशलैस उपचार से लेकर सस्ती ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा तक, ये निर्णय आने वाले समय में उत्तराखंड की जनता को प्रत्यक्ष और दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएंगे।


