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उत्तराखंड: गूगल मैप का ‘गोलचक्कर संकट’ बुग्गावाला के कच्चे रास्तों में भटक रहे यात्री, नेविगेशन बना सिरदर्द

दिनांक: 11 नवंबर 2025
स्थान: बुग्गावाला / तेलपुरा, हरिद्वार जिला


यात्रियों के लिए सहारा बनने वाला गूगल मैप पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में उलटबांसी कर रहा है। खासतौर पर दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए यह नेविगेशन एप घुमक्कड़-सा व्यवहार करते हुए उन्हें सही मार्ग से भटका रहा है। दिन में समस्या संभल जाती है, मगर रात के अंधेरे में यह नक्शा यात्री और ग्रामीण—दोनों की परीक्षा बन जाता है।


बिहारीगढ़ से आगे मैप दिखा रहा गलत मोड़

दिल्ली-हरियाणा की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी बुग्गावाला क्षेत्र में हो रही है।
बिहारीगढ़ से रोशनाबाद की ओर बढ़ते ही गूगल मैप यात्रियों को सीधे गांवों की ओर मोड़ देता है।
खेड़ी और शिवखोपुर जैसे गांवों की कच्ची सड़कों पर छोटे रास्तों का भ्रम दिखाकर यात्रियों को खेतों और तंग गलियों में पहुंचा देता है।
नतीजा यह कि रात के वक्त दर्जनों वाहन गांव के बीचोंबीच फंस जाते हैं।


रात का अंधेरा और गाड़ियां गलियों में उलझी

तेलपुरा और आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण बताते हैं कि समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।
दिन के समय यात्री पूछते-पूछते बाहर निकल जाते हैं, लेकिन रात में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
गलियों में फंसी गाड़ियों के कारण गांव का सामान्य आवागमन भी बाधित होने लगता है।


भटके यात्रियों के लिए ग्रामीण बने ‘मानव-GPS’

देहरादून से पानीपत की ओर जा रहे रिंकू कुमार और प्रवीण कुमार भी इसी भटकाव का शिकार हुए।
मैप ने जब उन्हें गांव की ओर मोड़ा तो वे तेलपुरा पहुंचे और स्थानीय लोगों से रास्ता पूछा।
ग्रामीणों ने उन्हें नेशनल हाईवे की ओर सही मार्ग पर वापस भेजा।

तेलपुरा के विकास सैनी, योगेश सैनी, अरुण चौहान, अमित चौहान, पंकज सैनी, रोहित कुमार, इनाम अली और सुनील चौहान बताते हैं कि
हर दिन कई वाहन गलती से गांव में पहुंच जाते हैं।
ग्रामीण ही उन्हें सही रास्ता दिखाकर वापस भेज रहे हैं।
कई बार रात में पूरे गांव के लोग मिलकर भटके यात्रियों की मदद करते हैं।


रूट अपडेट की मांग, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा जोखिम भी बन सकती है।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से आग्रह किया है कि गूगल मैप पर रूट अपडेट करा कर सही दिशा निर्धारित कराई जाए।
यदि समय रहते इसका समाधान नहीं हुआ तो दुर्घटनाओं और अव्यवस्था का खतरा और बढ़ सकता है।


निष्कर्ष

बुग्गावाला और तेलपुरा क्षेत्र में नेविगेशन की यह तकनीकी गलती यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
जहां तकनीक सही दिशा दिखाने के लिए बनी है, वहां उसका ही भ्रम मार्ग बन जाना चिंताजनक है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि ग्रामीण आगे बढ़कर मदद कर रहे हैं और भटके यात्रियों को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचा रहे हैं।

अब जरूरत है कि प्रशासन और तकनीकी टीम मिलकर रूट को अपडेट करें, ताकि यात्रियों को राह दिखाने वाला नेविगेशन आगे उन्हें रास्ता भटकाने के बजाय सहज यात्रा प्रदान कर सके।

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