देहरादून/प्रदेश डेस्क।
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया ने दूसरे दिन रफ्तार पकड़ ली है। बृहस्पतिवार को प्रदेशभर के 12 जिलों में कुल 9,280 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिससे अब तक का कुल आंकड़ा 11,444 तक पहुंच गया है। पहले दिन 2,164 नामांकन हुए थे। नामांकन की यह तेज़ी चुनावी माहौल के गर्माने का संकेत दे रही है।
ग्राम प्रधान पद बना सबसे पसंदीदा
राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक सबसे अधिक नामांकन ग्राम प्रधान पद के लिए दर्ज किए गए हैं।
- ग्राम प्रधान के कुल 7,499 पदों के लिए पहले दिन ही 6,351 नामांकन दाखिल हो चुके हैं।
- यह स्पष्ट संकेत है कि गांव की सरकार बनाने के लिए प्रतियोगिता काफी जोरदार रहने वाली है।
दूसरे पदों पर नामांकन की स्थिति
अन्य पंचायत पदों के लिए नामांकन की स्थिति भी उत्साहजनक बनी हुई है:
- ग्राम पंचायत सदस्य (55,587 पद): अब तक 1,968 नामांकन
- क्षेत्र पंचायत सदस्य (2,974 पद): अब तक 2,777 नामांकन
- जिला पंचायत सदस्य (358 पद): अब तक 348 नामांकन
कहां कितना जोश?
राज्य के 12 जिलों में गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया जोरों पर रही।
- जिलों में नामांकन केंद्रों पर उम्मीदवारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
- कई स्थानों पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी पहले से अधिक रही।
- कई पंचायतों में एक ही पद के लिए दर्जनों उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।
आगे की प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नामांकन प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुसार जारी रहेगी।
- नामांकन पत्रों की जांच और स्वीकृति के बाद ही अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
- पंचायत चुनाव में ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है।
विश्लेषण:
उत्तराखंड की पंचायत चुनावी सरगर्मी अब तेज हो चली है। पहले ही दो दिनों में 11 हजार से ज्यादा नामांकन यह संकेत दे रहे हैं कि गांव की राजनीति में आमजन, खासकर युवा और महिलाएं भी सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, जोड़तोड़ और समीकरणों में और तेजी आएगी।


