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उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: 21 साल की प्रियंका नेगी बनीं गैरसैंण की ग्राम प्रधान, सीएम धामी ने फोन कर दी बधाई, कहा – मिलकर करेंगे विकास

सारकोट गांव की सबसे युवा प्रधान को जनता ने सौंपा नेतृत्व, मुख्यमंत्री ने देहरादून बुलाया

देहरादून/चमोली, 1 अगस्त 2025 – उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 में इस बार युवाओं की भागीदारी ने नया संदेश दिया है। खासकर चमोली जनपद के गैरसैंण ब्लॉक स्थित मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट से 21 वर्षीय प्रियंका नेगी ने जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं प्रियंका को फोन कर बधाई दी और गांव के विकास के लिए मिलकर काम करने की बात कही।


मुख्यमंत्री ने किया सीधे फोन

मुख्यमंत्री धामी ने प्रियंका नेगी से फोन पर बात करते हुए कहा:

“आपके चुनाव जीतने पर आपको और सारकोट की जनता को शुभकामनाएं। हम गांव को मॉडल बनाना चाहते हैं, इसमें आपका सक्रिय सहयोग चाहिए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और युवाओं को प्रेरित करना आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।”

सीएम ने प्रियंका को देहरादून आने का न्योता भी दिया और जल्द जिले के उच्च अधिकारियों को गांव का निरीक्षण कराने की बात कही।


चुनाव परिणाम: युवा नेतृत्व को मिला जनादेश

प्रत्याशी का नामप्राप्त वोट
प्रियंका नेगी421
प्रियंका देवी235

प्रियंका नेगी ने 186 वोटों के अंतर से यह जीत दर्ज की। दिलचस्प बात यह है कि वह गांव की सबसे युवा ग्राम प्रधान बनी हैं। इससे पहले 2014-19 तक उनके पिता राजे सिंह नेगी भी प्रधान रह चुके हैं।


शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि

प्रियंका ने हाल ही में गैरसैंण महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक पूरा किया है। उनकी डिग्री का परिणाम तीन दिन पहले ही आया, और अब वह गांव की पहली शिक्षित युवा प्रधान के रूप में उभरी हैं।

उनके पिता और पूर्व प्रधान राजे सिंह नेगी ने कहा:

“मैं अपनी बेटी को पूरा सहयोग दूंगा। सारकोट को आगे बढ़ाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”


सारकोट: मुख्यमंत्री का आदर्श गांव

  • सारकोट गांव को मुख्यमंत्री आदर्श गांव का दर्जा मिला हुआ है।
  • गांव में 300 से अधिक परिवार रहते हैं और यहां से पलायन नहीं हुआ है, जो राज्य के लिए एक मिसाल है।
  • मुख्यमंत्री धामी की निगरानी में यहां कई विकास कार्य जारी हैं—स्वच्छता, सड़क, स्वास्थ्य और स्वरोजगार योजनाएं इनमें प्रमुख हैं।

प्रियंका नेगी की प्राथमिकताएं

“मैं गांव की महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम करूंगी। मुख्यमंत्री की योजनाओं को हर घर तक पहुंचाऊंगी और गांव के विकास में पूरी मेहनत से जुट जाऊंगी।”


निष्कर्ष:

प्रियंका नेगी की जीत उत्तराखंड की राजनीति में युवा नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई है। यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस विश्वास और उम्मीद की जीत है, जो राज्य की युवा पीढ़ी से जुड़ी है। मुख्यमंत्री का सीधा संवाद इस बात का संकेत है कि सरकार और ग्राम पंचायतों के बीच की दूरी अब घट रही है

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