स्थान: देहरादून
तारीख: 30 जून 2025
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर महेंद्र भट्ट का दोबारा चुना जाना अब औपचारिकता भर रह गया है। पार्टी मुख्यालय में हुई नामांकन प्रक्रिया में एकमात्र उम्मीदवार के रूप में महेंद्र भट्ट ने नामांकन दाखिल किया। उनके अलावा किसी अन्य ने पर्चा दाखिल नहीं किया, जिससे उनका अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।
नामांकन प्रक्रिया में दिखी बीजेपी की एकजुटता
नामांकन के दौरान देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी हाईकमान और राज्य संगठन में भट्ट के नेतृत्व पर पूर्ण सहमति है।
एक जुलाई को होगा औपचारिक ऐलान
प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास ने बताया कि राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण के निर्देशानुसार चुनाव अधिसूचना रविवार को जारी की गई थी।
- आज दोपहर 12 बजे तक नामांकन प्रक्रिया चली
- 12 से 2 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच हुई
- 3 से 4 बजे तक नामांकन वापसी की समय सीमा निर्धारित की गई थी
नामांकन केवल महेंद्र भट्ट द्वारा ही किया गया, लिहाजा 1 जुलाई को उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
125 प्रतिनिधि करेंगे मतदान, लेकिन वोटिंग की जरूरत नहीं
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 125 मतदाता अधिकृत हैं। हालांकि, केवल एक ही उम्मीदवार होने की वजह से चुनाव की नौबत नहीं आई और चयन निर्विरोध माना जा रहा है। यह बीजेपी के आंतरिक अनुशासन और संगठनात्मक एकता का संकेत माना जा रहा है।
जानिए, कौन कर सकता है नामांकन?
बीजेपी के संविधान के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए वही कार्यकर्ता नामांकन कर सकता है:
- जो तीन साल से सक्रिय सदस्य हो
- और कम से कम दस साल का प्राथमिक सदस्य रहा हो
- नामांकन के लिए फॉर्म च (Form-C) भरना जरूरी होता है
- नाम प्रस्तावित करने वाले कम से कम 10 निर्वाचक मंडल सदस्य होने चाहिए
- ये सदस्य कम से कम एक तिहाई जिलों से होने चाहिए
राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का भी होगा चुनाव
प्रदेश चुनाव अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव भी पार्टी के संविधान के अनुच्छेद 15(2) के तहत प्रदेश परिषद की ओर से किया जाएगा।
- प्रत्येक लोकसभा सीट के अनुपात में परिषद सदस्य चुने जाएंगे
- आरक्षित वर्गों (SC/ST) के लिए सीटें सुनिश्चित की जाएंगी
- राज्य को दो-दो लोकसभा क्षेत्रों में बांटकर हर भाग से कम से कम एक सदस्य चुना जाएगा
संगठन के अनुभव में मजबूत हैं महेंद्र भट्ट
महेंद्र भट्ट इससे पहले भी प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह संगठनात्मक कार्यशैली, जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ाव और पार्टी की रणनीति में संतुलन बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में भाजपा ने कई अहम सांगठनिक और चुनावी रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं दिख रही है। महेंद्र भट्ट की दोबारा ताजपोशी से पार्टी आगामी निकाय व विधानसभा चुनावों की तैयारी संगठित रूप से शुरू करेगी।


