BREAKING

उत्तराखंड में उद्योगों को बढ़ावा: थर्ड पार्टी करेगी निरीक्षण, पीसीबी बोर्ड बैठक में अहम प्रस्ताव पास

देहरादून | 02 मार्च 2026

उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की हालिया बोर्ड बैठक में उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। अब नारंगी और हरी श्रेणी के उद्योगों के स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन का कार्य थर्ड पार्टी के माध्यम से कराया जाएगा।


थर्ड पार्टी निरीक्षण से बढ़ेगी पारदर्शिता और रफ्तार

बैठक में निर्णय लिया गया कि दवा निर्माण इकाइयों, होटल-रेस्त्रां (नारंगी श्रेणी) और हल्की इंजीनियरिंग इकाइयों, इलेक्ट्रॉनिक सामान असेंबली जैसे उद्योगों (हरी श्रेणी) के लिए स्थल निरीक्षण थर्ड पार्टी संस्थानों द्वारा किया जाएगा। निरीक्षण के बाद संबंधित संस्थाएं अपनी रिपोर्ट पीसीबी को सौंपेंगी, जिसके आधार पर एनओसी जारी की जाएगी।


इन प्रतिष्ठित संस्थानों से लिया जाएगा सहयोग

पीसीबी ने निरीक्षण प्रक्रिया में विशेषज्ञता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इनमें आईआईटी कानपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (देहरादून), जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, आईआईटी रुड़की और आईआईटी दिल्ली शामिल हैं।

इन संस्थानों के विशेषज्ञ औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति पीसीबी के माध्यम से दी जाएगी।


क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारों में बढ़ोतरी

अब तक पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों को केवल पांच करोड़ रुपये तक की हरित श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को अनुमति देने का अधिकार था। पांच करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए मुख्यालय की स्वीकृति आवश्यक होती थी।

नई व्यवस्था के तहत क्षेत्रीय कार्यालय अब 10 करोड़ रुपये तक की औद्योगिक इकाइयों को स्थापना और संचालन की अनुमति दे सकेंगे। इससे प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और उद्यमियों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।


मुख्यालय से ही मिलेगी कुछ उद्योगों को अनुमति

हालांकि स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, इंडक्शन फर्नेस और रेलिंग से संबंधित इकाइयों की अनुमति अब भी पीसीबी मुख्यालय से ही जारी की जाएगी। इन श्रेणियों को पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए यह निर्णय लिया गया है।


एनओसी प्रक्रिया होगी अधिक सुव्यवस्थित

राज्य में किसी भी औद्योगिक इकाई की स्थापना से पहले पीसीबी से एनओसी लेना अनिवार्य है। स्थापना के बाद संचालन की अनुमति भी पीसीबी से ही मिलती है। वर्तमान में राज्य में पीसीबी के केवल चार क्षेत्रीय कार्यालय हैं और कर्मचारियों की कमी भी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है।

थर्ड पार्टी निरीक्षण व्यवस्था लागू होने से विभागीय दबाव कम होगा और उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।


प्रमुख सचिव ने क्या कहा

प्रमुख सचिव एवं पीसीबी अध्यक्ष आर.के. सुधांशु ने बताया कि कुछ श्रेणी के उद्योगों के स्थलीय निरीक्षण का कार्य थर्ड पार्टी के माध्यम से कराने का निर्णय उद्योग स्थापना में तेजी लाने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगी।


निष्कर्ष: निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य सरकार के इस फैसले को उद्योग अनुकूल कदम के रूप में देखा जा रहा है। थर्ड पार्टी निरीक्षण और क्षेत्रीय कार्यालयों को बढ़े अधिकारों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

यह निर्णय न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तराखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने की पहल भी साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *