देहरादून। | दिनांक: 29 जनवरी 2026
उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार के खिलाफ बड़े जन आंदोलन का ऐलान किया है। राजधानी देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि आने वाले तीन महीनों तक विधानसभा स्तर पर स्थानीय मुद्दों को लेकर जन जागरण अभियान, धरना-प्रदर्शन और जनता के बीच संवाद कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि 16 फरवरी को कांग्रेस पार्टी राज्यपाल आवास का घेराव करेगी, ताकि प्रदेश में बढ़ती समस्याओं की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार जनविरोधी नीतियां चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता सीधे लोगों के बीच जाकर सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिससे उत्तराखंड के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने महंगाई को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों से आम आदमी का जीवन मुश्किल हो गया है और प्रदेश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
निष्कर्ष:
कांग्रेस के इस ऐलान से स्पष्ट है कि पार्टी आने वाले समय में सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी। तीन माह तक चलने वाला जन आंदोलन उत्तराखंड की राजनीति में गर्मी बढ़ा सकता है और सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। अब देखना होगा कि यह अभियान जनता के बीच कितना असर छोड़ पाता है।


