देहरादून | दिनांक: 30 मार्च 2026
उत्तराखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तराखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जताई।
“शांत प्रदेश की पहचान पर लग रहा दाग”
ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड, जो अपनी शांति, सांस्कृतिक मूल्यों और सुरक्षित माहौल के लिए जाना जाता रहा है, आज महिलाओं के खिलाफ बढ़ते जघन्य अपराधों के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
चर्चित मामलों का हवाला देकर सरकार को घेरा
रौतेला ने पिछले कुछ वर्षों में हुए चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
- 2022: अंकिता भंडारी हत्याकांड (पौड़ी गढ़वाल) – उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में वीआईपी संलिप्तता सामने आने के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरती गई।
- 2024: रुद्रपुर (उधम सिंह नगर) में नर्स से दुष्कर्म व हत्या – इस मामले की जांच की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए।
- 2026: कोटद्वार में नाबालिग से दुष्कर्म – इस घटना को उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया।
“महिला अपराधों में लगातार बढ़ोतरी”
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आंकड़ों के जरिए दावा किया कि राज्य में महिला अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है:
- 2021 – 3431 मामले
- 2022 – 4337 मामले
- 2023 – 3808 मामले
- 2024 – 4000 मामले
- 2025 – 4200 से अधिक मामले
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है। उनका दावा है कि उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में महिला अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंच गया है।
हालिया घटनाओं का जिक्र, कानून-व्यवस्था पर सवाल
रौतेला ने प्रदेश में हाल ही में हुई कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है।
उन्होंने जिन घटनाओं का उल्लेख किया, उनमें शामिल हैं:
- थाने में पीआरडी जवान की संदिग्ध मौत
- प्रेमनगर क्षेत्र में छात्र की पीट-पीटकर हत्या
- लालकुआं के जंगल में पेड़ से लटका शव मिलने की घटना
- छात्र समूहों के बीच बढ़ती हिंसक झड़पें
- रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत
देहरादून में अपराध और नशे पर चिंता
उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी देहरादून में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में चूना भट्ठा क्षेत्र में एक विवाहित महिला का शव मिलने की घटना का भी उन्होंने उल्लेख किया।
रौतेला ने कहा कि पिछले एक महीने में ही देहरादून में 10 से अधिक गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती हैं।
निष्कर्ष
ज्योति रौतेला के आरोपों के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और जमीनी स्तर पर हालात सुधारने के लिए क्या कदम उठाती है। फिलहाल, बढ़ते अपराधों के बीच आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।


