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उत्तराखंड में गर्भवती महिलाओं की 100% अल्ट्रासोनोग्राफी जांच का अभियान शुरू, 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष ड्राइव

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की पहल, पात्र महिलाओं को जांच के लिए मिलेगी निश्शुल्क परिवहन सुविधा


देहरादून, 16 मार्च 2026

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

इस पहल के तहत प्रथम चरण में राज्य के छह से अधिक पर्वतीय जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो 15 अप्रैल 2026 तक संचालित रहेगा। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य जांच से वंचित न रह जाए।


स्वास्थ्य मंत्री ने दी अभियान की जानकारी

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार के लिए मातृ और शिशु स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है

उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा सकती है और किसी भी संभावित जोखिम का समय रहते पता लगाया जा सकता है।


इन जिलों में चलाया जाएगा विशेष अभियान

सरकार द्वारा शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में अल्ट्रासाउंड जांच की कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर संपर्क कर उन महिलाओं की पहचान करेंगी जिन्हें अब तक यह जांच नहीं मिल पाई है।


18 सप्ताह से अधिक गर्भकाल वाली महिलाओं को प्राथमिकता

अभियान के तहत उन सभी गर्भवती महिलाओं को शामिल किया जाएगा जिनका गर्भकाल 18 सप्ताह या उससे अधिक हो चुका है और जिन्होंने अभी तक अल्ट्रासोनोग्राफी जांच नहीं कराई है

इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं और उन महिलाओं को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा जिन्हें चिकित्सकों द्वारा दोबारा अल्ट्रासाउंड (USG) कराने की सलाह दी गई है।


माइक्रो प्लान के जरिए होगा अभियान का संचालन

स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत माइक्रो प्लान तैयार किया जाए

इसके तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों, रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम गठित की जाएगी। साथ ही सभी विशेषज्ञों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि समय पर और व्यवस्थित तरीके से जांच सुनिश्चित की जा सके।


महिलाओं को मिलेगी निश्शुल्क परिवहन सुविधा

डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर सूचना दी जाएगी और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं सहित अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पात्र महिलाओं को निश्शुल्क परिवहन सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से जांच करा सकें।


निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार का यह अभियान मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच से गर्भावस्था से जुड़े जोखिमों का जल्द पता लगाया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार संभव हो पाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की प्रत्येक गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जाए।

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