देहरादून | 22 जनवरी 2026
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश में दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द जारी होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके लिए शासन और संगठन स्तर पर अंदरखाने तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गोपन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों से रिक्त पड़े दायित्वधारी पदों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि नई सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दायित्वधारियों की नियुक्ति और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में नए मंत्रियों की एंट्री को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
विधायकों के बीच भी अपनी “लॉटरी” खुलने का इंतजार है। वहीं, पार्टी के कई अनुभवी नेता और संगठन से जुड़े चेहरे विभिन्न निगमों, बोर्डों और समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि चुनावी समीकरणों को साधने के लिए सरकार और संगठन संतुलित सूची लाने की तैयारी में हैं।
गोपन विभाग द्वारा सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मंगाए जाने को इसी दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। उधर, भाजपा के शीर्ष नेताओं का भी मानना है कि दायित्वधारियों के नामों पर लगभग सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
अगर अब तक की सूचियों पर नजर डालें तो 27 सितंबर 2023 को पहली सूची जारी की गई थी, जिसमें 10 नेताओं को दायित्व सौंपा गया था। इसके बाद 14 दिसंबर 2023 को दूसरी सूची आई, जिसमें 11 नेताओं के नाम शामिल थे। वर्ष 2025 में एक अप्रैल को तीसरी सूची जारी हुई, जिसमें 20 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई, जबकि चार अप्रैल को जारी चौथी सूची में 18 नेताओं को दायित्व मिला था।
निष्कर्ष:
लगातार चार सूचियों के बाद अब पांचवीं सूची को लेकर बढ़ती हलचल यह संकेत दे रही है कि सरकार और संगठन चुनाव से पहले सियासी संतुलन मजबूत करने में जुटे हैं। दायित्वधारियों की नई सूची न केवल संगठनात्मक समीकरणों को साधेगी, बल्कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार की दिशा भी तय कर सकती है। अब सबकी निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि पांचवीं सूची कब जारी होती है और किन चेहरों को इसमें जगह मिलती है।


