उत्तराखंड सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए नई योग नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत 2030 तक पांच नए योग केंद्र खोले जाएंगे और आयुष केंद्रों में योग सेवाएँ मिलेंगी। पर्वतीय क्षेत्रों में केंद्र खोलने पर 20 लाख तक का अनुदान मिलेगा। सरकार योग अनुसंधान को भी बढ़ावा देगी और योग संस्थानों का पंजीकरण किया जाएगा। इस नीति के क्रियान्वयन में 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बुधवार को कैबिनेट में योग नीति को स्वीकृति प्रदान की गई। नीति में कहा गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में नए स्थापित होने वाले केंद्रों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 20 लाख रुपये और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख का अनुदान दिया जाएगा। एक वर्ष में कुल पांच करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
योग अनुदेशक के लिए संस्थाओं को दी जाएगी प्रतिपूर्ति
सरकार ने नीति में मौजूदा संस्थानों में भी योग को बढ़ावा देने की व्यवस्था की है। इसके अंतर्गत राज्य में पहले से चल रहे होम स्टे, रिसार्ट, होटल, स्कूल व कालेज में योग केंद्र स्थापित करने की स्थिति में यहां तैनात होनेे वाले अनुदेशकों को प्रति सत्र 250 रुपये तक की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की है। हर केंद्र में एक अनुदेश के लिए प्रति माह 20 सत्रों की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
योग शिक्षक प्रमाणन पर रहेगा जोर
योग संस्थानों का होगा शत-प्रतिशत पंजीकरण
नीति में योग संस्थानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक विशेष आनलाइन योग प्लेटफार्म स्थापित करने और योग को बढ़ावा देने के लिए प्रचार अभियान व अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलनों का आयोजन करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही मार्च 2028 तक 15 से 20 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ भागीदारी विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
योग निदेशालय की स्थापना
नीति के अंतर्गत सरकार योग और प्राकृतिक चिकित्सा निदेशालय की स्थापना करेगी। यह निदेशालय इस नीति के संचालन, नियमन, अनुदान वितरण और विभिन्न गतिविधियों की निगरानी करेगा। निदेशालय में एक निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, योग विशेषज्ञ, रजिस्ट्रार व अन्य स्टाफ शामिल होंगे।
नीति के क्रियान्वयन में खर्च होंगे 35 करोड़
नीति के क्रियान्वयन में सरकार अगले पांच वर्ष में 35 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें योग केंद्र के अनुदान में 35 करोड़, अनुसंधान में एक करोड़, शिक्षक प्रमाणन में 1.81 करोड़ और मौजूदा संस्थानों में योग केंद्र की स्थापना को 7.5 करोड़ का व्यय होगा।


