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उत्तराखंड में बागवानी का नया कीर्तिमान, मसूरी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा, 1.58 लाख हेक्टेयर में फसलें, उत्पादन 10.33 लाख मीट्रिक टन पार

मसूरी (देहरादून) | 1 मार्च 2026

उत्तराखंड में बागवानी क्षेत्र ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मसूरी में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2024-25 के तृतीय अग्रिम अनुमानों के अनुसार राज्य में लगभग 1.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें उगाई जा रही हैं, जिनका कुल उत्पादन 10.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच चुका है।

उन्होंने इसे पहाड़ी राज्य के लिए “बड़ी उपलब्धि” बताते हुए कहा कि उत्तराखंड अब उच्च मूल्य वाली फसलों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

फल और सब्ज़ियों में उल्लेखनीय वृद्धि

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य में फल उत्पादन लगभग 3.60 लाख मीट्रिक टन और सब्ज़ी उत्पादन लगभग 5.94 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। मसालों और पुष्प उत्पादन में भी निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जिससे किसानों की आय में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां बागवानी, औषधीय पौधों, प्राकृतिक खेती और शहद उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य को निर्यातोन्मुख बागवानी और उच्च मूल्य फसलों का हब बनाना है।

केंद्र सरकार का फोकस: तकनीक, भंडारण और बाज़ार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को सशक्त करने के लिए निरंतर निवेश और सुधार कर रही है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, बेहतर भंडारण और बाजार से सीधा जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय परिदृश्य: देशभर में भी बढ़ा बागवानी उत्पादन

प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के आंकड़े भी साझा किए—

  • 2024-25 के अंतिम अनुमान के अनुसार देश का कुल बागवानी उत्पादन लगभग 3707.38 लाख टन रहा, जो 2023-24 की तुलना में 4.51% अधिक है।

  • बागवानी क्षेत्रफल बढ़कर 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो 3.61% की वृद्धि दर्शाता है।

  • 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान में कुल उत्पादन 3708.46 लाख टन और क्षेत्रफल 301.31 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है।

फलों और सब्ज़ियों में मजबूती

  • फलों का उत्पादन 2024-25 में 4.13% बढ़कर लगभग 1176.49 लाख टन पहुंचने का अनुमान है।

  • केले का उत्पादन 383.22 लाख टन और आम का 231.43 लाख टन रहने का अनुमान है।

  • सब्ज़ियों का उत्पादन 2023-24 के 2072.08 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 2177.97 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

  • 2025-26 में टमाटर उत्पादन 10.21% वृद्धि के साथ 227.02 लाख टन तक पहुंच सकता है।

मसाले, फूल और औषधीय फसलों में उछाल

  • मसालों का उत्पादन 2024-25 में बढ़कर 129.93 लाख टन होने का अनुमान है।

  • फूलों का उत्पादन 20.65% वृद्धि के साथ 42.65 लाख टन तक पहुंच सकता है।

  • सुगंधित व औषधीय फसलों का उत्पादन 24% से अधिक बढ़कर 9.01 लाख टन होने की संभावना है।

हालांकि बागान फसलों में मौसम के प्रभाव से 2024-25 में उत्पादन में थोड़ी कमी दर्ज की गई है, लेकिन 2025-26 में इसमें पुनः वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।

निष्कर्ष: उत्तराखंड बनेगा बागवानी का उभरता केंद्र

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए बागवानी क्षेत्र का विस्तार किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने का मजबूत माध्यम बन रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि तकनीक, सिंचाई, वैल्यू-चेन विकास और बाजार सुधारों के जरिए बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाई दी जाएगी। यदि मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है।

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