देहरादून | 21 फरवरी 2026
उत्तराखंड सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक आसान और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित अपने आवासीय कार्यालय में ‘माई स्कीम पोर्टल’ का शुभारंभ किया।
यह पोर्टल केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं की अद्यतन जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराएगा।
‘मेरी योजना’ पुस्तिका अब डिजिटल रूप में
कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की पुस्तिका ‘मेरी योजना’ में शामिल सभी योजनाओं को इस पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया है। अब नागरिकों को विभिन्न विभागों की वेबसाइट पर अलग-अलग जानकारी खोजने की जरूरत नहीं होगी।
एक क्लिक पर उन्हें पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और संबंधित विभाग की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने का उद्देश्य
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य पात्र नागरिकों को योजनाओं की संपूर्ण और स्पष्ट जानकारी देकर उन्हें समय पर लाभान्वित करना है।
हर योजना के अंतर्गत निम्न जानकारियां विस्तार से दी गई हैं:
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पात्रता मानदंड
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लाभ का विवरण
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आवेदन प्रक्रिया
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आवश्यक दस्तावेज
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संबंधित विभाग का संपर्क विवरण
इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिलेगी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय
एकीकृत डिजिटल मंच बनने से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर इस पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
तकनीक के जरिए सेवा वितरण को मजबूती
राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित न रह जाए।
‘माई स्कीम पोर्टल’ के माध्यम से तकनीक आधारित सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सुविधा तीनों को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
‘माई स्कीम पोर्टल’ उत्तराखंड में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल योजनाओं की जानकारी सुलभ होगी, बल्कि लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
सरकार को उम्मीद है कि यह पोर्टल आमजन और प्रशासन के बीच की दूरी को कम कर सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।


