देहरादून, 23 फरवरी 2026
उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। यह रोपवे विकास से संबंधित विभागों, हितधारकों और पीपीपी कंपनियों के साथ आयोजित पहली बोर्ड बैठक थी, जिसमें प्रदेशभर में संचालित और प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
अर्थव्यवस्था, पर्यटन और मोबिलिटी के लिए अहम
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि रोपवे परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, शहरी मोबिलिटी और समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में वैकल्पिक परिवहन प्रणाली के रूप में रोपवे की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में तेजी लाई जाए और प्रारंभिक चरण में ही विजिबिलिटी स्टडी व अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि समयबद्ध निर्णय संभव हो सके और अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
जिलाधिकारियों से ली प्रगति रिपोर्ट
बैठक के दौरान विभिन्न जनपदों में गतिमान और प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। संबंधित जिलाधिकारियों से भी परियोजनाओं की प्रगति, भूमि संबंधी औपचारिकताओं और स्थानीय स्तर पर आ रही चुनौतियों की जानकारी ली गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला प्रशासन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाए और समन्वय की कमी के कारण किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
पीपीपी मोड की परियोजनाओं में तेजी
पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर बनने वाली रोपवे परियोजनाओं के संदर्भ में मुख्य सचिव ने तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक अनुमोदनों की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने तय समयसीमा के अनुसार कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया और कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दून–मसूरी रोपवे पर विशेष निर्देश
देहरादून–मसूरी रोपवे परियोजना में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने विशेष संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को परियोजना की प्रगति में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि दून–मसूरी मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार रोपवे परियोजनाओं को भविष्य की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए इन्हें प्राथमिकता दे रही है। मुख्य सचिव की बैठक के बाद अब इन परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से दून–मसूरी रोपवे की प्रगति पर सबकी नजर रहेगी, जो प्रदेश के पर्यटन और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।


