तारीख: 12 नवम्बर 2025 | स्थान: देहरादून (उत्तराखंड)
शादी का मौसम और महंगाई का तड़का — टमाटर-आलू ने बढ़ाई परेशानी
देहरादून में शादियों का सीजन शुरू होते ही रसोई का बजट एक बार फिर गड़बड़ा गया है।
बाजारों में टमाटर और आलू के दामों में तेजी आने से गृहणियों की चिंता बढ़ गई है।
दो दिन के भीतर ही टमाटर 20 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है, जबकि आलू की कीमतों में भी 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने से बढ़े दाम
स्थानीय सब्जी मंडियों में सहालग (शादी) का मौसम शुरू होते ही सब्जियों की मांग अचानक बढ़ गई है।
व्यापारी तसलीम अहमद ने बताया कि इस समय विवाह समारोहों में उपयोग होने वाली सब्जियों की मांग दोगुनी हो गई है, जिससे बाजार में टमाटर और आलू की थोक दरें भी बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि टमाटर के दाम 30 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो, जबकि आलू 20 रुपये से बढ़कर 25 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
आलू की फसल देर से आने का भी असर
व्यापारियों का कहना है कि इस बार आलू की नई फसल बाजार में देरी से आ रही है, जिससे पुरानी खेप की कीमतें बढ़ गई हैं।
आपूर्ति कम और मांग अधिक होने के कारण खुदरा बाजारों में दाम और चढ़ गए हैं।
वहीं, टमाटर की कीमत में भी दक्षिण भारत और महाराष्ट्र से आने वाले माल के महंगा पड़ने का असर दिख रहा है।
अन्य सब्जियों के दाम भी चढ़े
टमाटर और आलू के अलावा अन्य सब्जियों के दाम भी रसोई पर बोझ डाल रहे हैं।
भिंडी और करेला 60 रुपये किलो, वहीं मटर 120 रुपये किलो तक बिक रही है।
शहर की सब्जी मंडियों में हरी सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
महिलाओं की चिंता बढ़ी — “अब रसोई चलाना हुआ मुश्किल”
स्थानीय गृहिणी शालिनी शर्मा का कहना है कि रोजमर्रा की रसोई का बजट संभालना अब कठिन होता जा रहा है।
उन्होंने कहा, “शादी के मौसम में तो पहले से खर्च ज्यादा होता है, ऊपर से सब्जियों के बढ़े दामों ने रसोई का संतुलन बिगाड़ दिया है।”
व्यापारी बोले — अगले हफ्ते तक मिल सकती है राहत
बाजार समिति के अनुसार, जैसे ही नई सब्जियों की खेप पहाड़ों और तराई क्षेत्रों से आने लगेगी, कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
फिलहाल शादी के सीजन में मांग ज्यादा और आपूर्ति सीमित रहने के कारण दामों में राहत की उम्मीद फिलहाल कम है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में शादियों के मौसम ने जहां बाजारों में रौनक बढ़ाई है, वहीं महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
टमाटर और आलू जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
अगर आने वाले दिनों में सब्जियों की आवक नहीं बढ़ी, तो शादी की खुशियों के साथ-साथ महंगाई का दर्द भी झेलना पड़ सकता है।


