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उत्तराखंड में ‘सांसद खेल महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ — CM धामी बोले, “राज्य बनेगा खेलों की नई राजधानी”, 23 खेल अकादमियों की स्थापना होगी जल्द

 तारीख: 27 अक्टूबर 2025
 स्थान: राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन, देहरादून, उत्तराखंड


उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को नया मंच देने और युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को खेलों की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए कई घोषणाएं कीं, जिनमें 23 नई खेल अकादमियों की स्थापना और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना भी शामिल है।


खेल महोत्सव का शुभारंभ और उद्देश्य

‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री धामी ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन (देहरादून) में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा, “यह आयोजन सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय अभियान है जो गाँवों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने का कार्य करेगा।” उत्तराखंड में यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री धामी की घोषणाएँ

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को खेल राज्य बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ के तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 नई खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएंगी। इन अकादमियों में हर वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके अलावा,

  • हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय,

  • और लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की दिशा में कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।


खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन की नीति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के हित में कई योजनाएँ शुरू की हैं —

  • मुख्यमंत्री खेल विकास निधि,

  • मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना,

  • मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना,

  • और खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों से युवाओं को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को “आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी” दी जा रही है।

खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ भी शुरू किए हैं। साथ ही राजकीय सेवाओं में 4 प्रतिशत खेल कोटा को फिर से लागू किया गया है।


राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का वक्तव्य

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद खेल प्रतियोगिताओं और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।”

उन्होंने घोषणा की कि वे अपनी सांसद निधि से राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट तथा मेस के लिए फर्नीचर की व्यवस्था हेतु धनराशि प्रदान करेंगे।


कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख अतिथि

इस शुभारंभ कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक खजानदास, मेयर सौरभ थपलियाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, और अन्य जनप्रतिनिधि व खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


खेल उपलब्धियों पर उत्तराखंड को गर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचा है। यह उपलब्धि प्रदेश की खेल नीतियों और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य है कि हर गाँव से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हों।”


निष्कर्ष

उत्तराखंड में ‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि राज्य के युवा खिलाड़ियों के भविष्य की नई शुरुआत है। मुख्यमंत्री धामी की घोषणाएँ इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जो न केवल राज्य के खेल परिदृश्य को बदलेंगी बल्कि उत्तराखंड को “खेल शक्ति” के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होंगी।

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