देहरादून | 18 फरवरी 2026
उत्तराखंड में लगातार मिल रही बम धमकियों की कड़ी में बुधवार को दून जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। धमकी भरा ई-मेल जिला जज कार्यालय को प्राप्त होते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।
धमकी की सूचना मिलते ही एसएसपी सिटी प्रमेन्द्र डोबाल पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को तत्काल कोर्ट परिसर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। इसके साथ ही पूरे परिसर को खाली कराकर चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दी गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस ई-मेल के माध्यम से धमकी दी गई है, उसके पीछे किसी पाकिस्तानी संगठन का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं और मेल की तकनीकी जांच (IP एड्रेस, सर्वर लोकेशन आदि) की जा रही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि जिला जज कार्यालय को धमकी भरा मेल मिला था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच में जुटी है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और नैनीताल के जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर मामले में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। बावजूद इसके, इन घटनाओं से न्यायालय परिसरों में दहशत का माहौल बना रहा।
सोमवार को उत्तरकाशी और नैनीताल न्यायालयों को धमकी मिलने के बाद अब देहरादून कोर्ट को निशाना बनाए जाने से पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। कई मामलों में इसे असामाजिक तत्वों की शरारत भी माना जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही।
निष्कर्ष:
लगातार मिल रही बम धमकियों ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है। हालांकि अब तक जांच में कोई ठोस खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।


