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उत्तराखंड से अमित शाह का बड़ा ऐलान: केदारनाथ के बाद बद्रीनाथ सहित 35 धामों का होगा जीर्णोद्धार

ऋषिकेश | 22 जनवरी 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ऋषिकेश में गीता प्रेस की प्रतिष्ठित ‘कल्याण’ पत्रिका के शताब्दी अंक के विमोचन अवसर पर उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम का सफल पुनरुद्धार किया जा चुका है और अब बद्रीनाथ सहित प्रदेश के 35 प्रमुख धामों का रेनोवेशन किया जाएगा।


बुधवार को पौड़ी जनपद के स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि देश की आज़ादी के बाद जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में रक्षा, विदेश नीति, व्यापार और शिक्षा जैसी नीतियां पाश्चात्य विचारधारा से प्रभावित होकर बनाई जा रही थीं। ऐसे समय में गीता प्रेस की ‘कल्याण’ पत्रिका ने भारतीय समाज को सनातन धर्म, आचार-विचार, दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाई।


गृह मंत्री ने कहा कि ‘कल्याण’ पत्रिका ने न केवल हिंदू धर्म की परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि आम जनमानस तक धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से पहुंचाया। उन्होंने इसे भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।


अमित शाह ने कहा कि आज जब ‘कल्याण’ पत्रिका अपने 100 वर्ष पूरे कर चुकी है, उसी समय देश की नीतियों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने उन नीतियों पर “यू-टर्न” लिया है, जो देश की परंपरा और आस्था से दूर थीं।


उन्होंने कहा कि साढ़े पांच सौ वर्षों बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही केदारनाथ धाम का पुनरुद्धार कर उसे आधुनिक सुविधाओं और दिव्यता के साथ संवारा गया है। अब सरकार की योजना बद्रीनाथ धाम समेत उत्तराखंड के 35 धार्मिक स्थलों के व्यापक जीर्णोद्धार की है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


गृह मंत्री ने पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है और आस्था के केंद्रों को वैश्विक पहचान प्राप्त हो रही है।


निष्कर्ष:
ऋषिकेश से दिया गया अमित शाह का यह संदेश स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। केदारनाथ के बाद अब बद्रीनाथ सहित 35 धामों के जीर्णोद्धार की घोषणा से उत्तराखंड की आध्यात्मिक और पर्यटन पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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