देहरादून, 26 फरवरी 2026
होली के त्योहार पर यात्रियों को इस बार रोडवेज बसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उत्तराखंड परिवहन निगम ने त्योहार के दौरान सुचारू बस संचालन सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवर, कंडक्टर और अन्य कार्मिकों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है।
मंगलवार को महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि होली के दौरान लगातार ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
27 फरवरी से 9 मार्च तक लागू रहेगी योजना
जारी आदेश के अनुसार यह प्रोत्साहन योजना 27 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक यानी कुल 11 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी। इस अवधि में लगातार 10 दिन तक निर्धारित औसत किलोमीटर संचालन करने वाले ड्राइवर और कंडक्टरों को 1250 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
-
केवल मैदानी मार्ग: प्रतिदिन औसत 242 किमी
-
मिश्रित (मैदानी-पर्वतीय) मार्ग: प्रतिदिन औसत 200 किमी
-
केवल पर्वतीय मार्ग: प्रतिदिन औसत 180 किमी
11 दिन लगातार ड्यूटी पर अधिक प्रोत्साहन
यदि कोई चालक या परिचालक बिना अवकाश लिए पूरे 11 दिन लगातार कार्य करता है और न्यूनतम निर्धारित किलोमीटर पूरा करता है, तो उसे 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
-
मैदानी मार्ग: न्यूनतम 2662 किमी
-
मिश्रित मार्ग: न्यूनतम 2200 किमी
-
पर्वतीय मार्ग: न्यूनतम 1980 किमी
होली के दिन अतिरिक्त लाभ
-
होली के दिन कार्यशाला से बस लेकर मार्ग पर जाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर को अतिरिक्त 300 रुपये मिलेंगे।
-
जिनका लोड फैक्टर 90 प्रतिशत से अधिक रहेगा, उन्हें 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
तकनीकी व अन्य कर्मचारियों के लिए भी सौगात
केवल ड्राइवर और कंडक्टर ही नहीं, बल्कि डिपो कार्यशाला के तकनीकी कर्मचारी, डीजल लिपिक, समयपाल, बैग-इन-आउट लिपिक, चेकिंग लिपिक, कैशियर, स्टोर कीपर, बुकिंग क्लर्क, एमएसटी व पास बनाने वाले कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मियों को भी योजना में शामिल किया गया है।
इन कर्मचारियों को एक अवकाश लेकर 10 दिन कार्य करने पर 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। यदि इन 11 दिनों के दौरान किसी का अवकाश निर्धारित है, तो वह अवकाश योजना अवधि समाप्त होने के बाद दिया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी राहत
परिवहन निगम का उद्देश्य होली के दौरान यात्रियों को समय पर बस सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि अपने घर जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। हर वर्ष त्योहारों के समय बढ़ती भीड़ के कारण बसों की कमी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार निगम ने पहले से ही रणनीति बनाकर कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है।
निष्कर्ष
होली के अवसर पर उत्तराखंड परिवहन निगम की यह पहल यात्रियों और कर्मचारियों दोनों के लिए राहत भरी है। एक ओर जहां यात्रियों को सुगम और पर्याप्त बस सेवा मिलेगी, वहीं कर्मचारियों को अतिरिक्त आय का लाभ प्राप्त होगा। अब देखना होगा कि इस योजना से त्योहार के दौरान संचालन व्यवस्था कितनी सुचारू रहती है।


