देहरादून, 26 फरवरी 2026
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े निवेश ऐप धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ठग प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बनकर लोगों को झांसे में लेते थे और फर्जी ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे थे।
व्हाट्सएप के जरिए साधा गया शिकार
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर खुद को ASK Investment Managers Limited का वित्तीय सलाहकार बताया गया।
ठगों ने पीड़ित को एक तथाकथित वीआईपी ग्रुप में जोड़कर लिंक के जरिए “ASKICPRO” नाम का ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद स्टॉक मार्केट में अधिक लाभ का लालच देकर विभिन्न बैंक खातों में निवेश के नाम पर धनराशि जमा कराई गई।
इस तरह पीड़ित से कुल 1 करोड़ 17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची STF
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण किया। जांच के आधार पर आरोपी की पहचान बलजीत सिंह, निवासी अंबाला (हरियाणा) के रूप में हुई।
वारंट के अनुपालन में एसटीएफ टीम ने अंबाला से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विवेचना की जा रही है।
देशभर में दर्ज हैं मामले
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खातों में कम समय के भीतर लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है। उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड से दिया जाता था झांसा
पुलिस के अनुसार गिरोह निवेशकों को एक फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड दिखाता था, जिसमें भारी मुनाफा प्रदर्शित किया जाता था। जब निवेशक अपनी रकम निकालने का प्रयास करते थे, तो उनसे भारी कमीशन या अतिरिक्त शुल्क की मांग की जाती थी। इसी प्रक्रिया में ठगी का खुलासा होता था।
STF की अपील: रहें सतर्क
एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट, हाई रिटर्न निवेश योजना, फर्जी ऐप या संदिग्ध व्हाट्सएप कॉल/मैसेज से सावधान रहें।
किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बढ़ते फर्जीवाड़े के दौर में लोगों को स्वयं भी सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।


