स्थान: ऋषिकेश, उत्तराखंड
तारीख: 3 अप्रैल 2026
ऋषिकेश में लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान के बावजूद शुक्रवार को शहर में भीषण जाम की स्थिति देखने को मिली। प्रशासन और पुलिस की तमाम तैयारियों के बावजूद वाहनों का दबाव इतना अधिक रहा कि प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह चरमरा गया।
सुबह हरिद्वार से करीब 11 बजे रवाना हुई बसों को ऋषिकेश के नटराज चौक तक पहुंचने में लगभग दो घंटे का समय लग गया। सामान्य दिनों में यह दूरी तय करने में काफी कम समय लगता है, लेकिन जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के अन्य इलाकों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं रहे। श्यामपुर क्षेत्र में लंबे समय तक यातायात बाधित रहा, जबकि ढालवाला से मुनिकीरेती के बीच भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान कई यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे उनकी यात्रा प्रभावित हुई।
पुलिस प्रशासन लगातार यातायात को सुचारू करने के प्रयासों में जुटा रहा। वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने और जाम खोलने की कोशिश की गई, लेकिन पीछे से लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव ने स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल बना दिया।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक प्लान लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उसका प्रभाव नजर नहीं आया। पर्यटन सीजन और बढ़ती आवाजाही के बीच बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
निष्कर्ष:
ऋषिकेश में ट्रैफिक प्लान लागू होने के बावजूद जाम की समस्या ने यह साफ कर दिया है कि मौजूदा व्यवस्थाएं बढ़ते यातायात दबाव को संभालने में अभी सक्षम नहीं हैं। आने वाले दिनों में यदि ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो तीर्थनगरी में यातायात संकट और गहराने की आशंका बनी रहेगी। प्रशासन के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है।


