ऋषिकेश (मुनिकीरेती) | शुक्रवार, 14 फरवरी 2026
ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित सरकारी बहुउद्देशीय शिविर उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब कुछ सांड अचानक टेंट के भीतर घुस आए। रामलीला मैदान में चल रहे कार्यक्रम के दौरान सांडों के प्रवेश से कर्मचारी और अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए हालात ऐसे बन गए मानो भगदड़ मच जाएगी।
यह पूरा मामला मुनिकीरेती स्थित रामलीला मैदान का है, जहां सरकार की ओर से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत बहुउद्देशीय शिविर लगाया गया था। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगे थे और आमजन की शिकायतें सुनी जा रही थीं। कार्यक्रम सुचारू रूप से चल ही रहा था कि तभी कुछ सांड अचानक टेंट के अंदर घुस आए।
सांडों के अचानक प्रवेश से शिविर में मौजूद कर्मियों में दहशत फैल गई। कई स्टालों पर बैठे कर्मचारी पशु को अपनी ओर आता देख कुर्सियां छोड़कर भाग खड़े हुए। कुछ लोगों ने सांडों को भगाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इस दौरान जनसुनवाई पूरी तरह बाधित रही और आम लोग भी सहमे नजर आए।
घटना के समय शिविर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वरुणा अग्रवाल सहित नगर पालिका और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। सांडों की मौजूदगी के कारण अधिकारियों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई।
मौके पर मौजूद नगर पालिका मुनिकीरेती की अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी ने तुरंत पालिका कर्मियों को बुलाया। काफी मशक्कत के बाद सांडों को शिविर से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पाई और अधिकारी, कर्मचारी व आम लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कर्मचारी जान बचाने के लिए कुर्सियां छोड़कर भाग रहे हैं।
इस घटना को लेकर शिविर में पहुंचे यूकेडी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने गोवंश की समस्या को मजबूती से उठाया। लोगों का कहना है कि ऋषिकेश, मुनिकीरेती और तपोवन जैसे पर्यटन क्षेत्रों में आवारा गोवंश लगातार खतरा बनता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे।
निष्कर्ष:
सरकारी कार्यक्रम के दौरान सांडों का इस तरह शिविर में घुस जाना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि आमजन की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि यदि समय रहते गोवंश प्रबंधन पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।


