ऋषिकेश, 26 फरवरी 2026
तीर्थनगरी ऋषिकेश में इन दिनों हाथियों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार देर रात योगनगरी रेलवे स्टेशन के नए रेलवे ट्रैक पर कई हाथी चढ़ गए, जिससे वन विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में हड़कंप मच गया। काफी मशक्कत के बाद हाथियों को सुरक्षित ट्रैक से नीचे उतारकर जंगल की ओर खदेड़ा गया।
ऊंचे ट्रैक पर चढ़े हाथी, बढ़ी अनहोनी की आशंका
मंगलवार रात ऋषिकेश वन रेंज के अंतर्गत बाईपास मार्ग से गुजरते हुए तीन हाथी योगनगरी रेलवे स्टेशन के नए रेल ट्रैक पर चढ़ गए। उनके साथ एक शिशु हाथी भी नजर आया।
यह ट्रैक सड़क से कई फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। ऐसे में हाथियों के फिसलकर घायल होने या ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना हुआ था। आरपीएफ कर्मियों को इस बात की भी चिंता सताने लगी कि कहीं हाथी रेल ट्रैक को नुकसान न पहुंचा दें, जिससे रेल संचालन प्रभावित हो सकता था।
हाथियों के ट्रैक पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मनसा देवी वार्ड में भी घुसे हाथी
बुधवार रात करीब 11 बजे दो वयस्क हाथी दो शिशुओं के साथ मनसा देवी वार्ड के आबादी क्षेत्र में कई घंटों तक घूमते रहे। घरों के बाहर हाथियों को गुजरता देख स्थानीय लोग दहशत में आ गए। लोगों ने शोर मचाकर आसपास के निवासियों को सतर्क किया और वन विभाग को सूचना दी।
गश्ती दल पर हमला करने को दौड़े हाथी
सूचना मिलते ही वन विभाग के रेस्क्यू प्रभारी कमल राजपूत अपनी गश्ती टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हाथियों को आबादी से बाहर निकालने के दौरान कई बार वयस्क हाथी अपने शिशुओं को खतरा महसूस होने पर गश्ती दल की ओर दौड़े।
हालांकि, टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा। अंततः हवाई फायरिंग कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया। सुबह करीब पांच बजे रेस्क्यू अभियान पूरा हुआ।
अलर्ट पर वन विभाग
वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश रेंज गंभीर सिंह धमांदा ने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती दल को अलर्ट पर रखा गया है। योगनगरी रेलवे ट्रैक के आसपास भी विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि हाथियों को दोबारा ट्रैक तक पहुंचने से रोका जा सके।
जरा सी चूक से हो सकता था बड़ा हादसा
रेस्क्यू प्रभारी कमल राजपूत के अनुसार, यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ऊंचे रेल ट्रैक से हाथियों के गिरने, घायल होने या रेल संचालन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी।
वन विभाग और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। रेलवे ट्रैक और आबादी क्षेत्रों में हाथियों की लगातार आवाजाही से खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।



