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एंजेल चकमा हत्याकांड: नस्लीय टिप्पणी के आरोप निराधार, जेल में बंद आरोपी की मां का बयान

देहरादून | सेलाकुई (धूलकोट) | 29 दिसंबर 2025

आरोपित की मां ने तोड़ी चुप्पी
एंजेल चकमा हत्याकांड को लेकर सामने आ रहे नस्लीय टिप्पणी और भेदभाव के आरोपों पर अब जेल में बंद आरोपी सूरज खवास की मां का बयान सामने आया है। सेलाकुई के धूलकोट क्षेत्र में रहने वाली सूरज खवास की मां ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनका परिवार स्वयं नॉर्थ ईस्ट से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मणिपुर के निवासी हैं और किसी भी तरह की नस्लीय टिप्पणी का सवाल ही नहीं उठता।


पुलिस जांच में भी नस्लीय भेदभाव के साक्ष्य नहीं
आरोपित की मां ने कहा कि जो बातें कुछ खबरों में दिखाई जा रही हैं, वे वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और अब तक की जांच में भी नस्लीय टिप्पणी या भेदभाव से जुड़े कोई साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी पहले ही यह स्पष्ट किया है कि पीड़ित पक्ष की तहरीर में नस्लीय टिप्पणी का उल्लेख नहीं है।


मारपीट के दौरान कैसे हुआ हमला
पुलिस जांच के अनुसार घटना के दौरान शौर्य राजपूत ने एंजेल चकमा के सिर पर हाथ में पहने कड़े से जोरदार वार किया। इसके बाद यज्ञराज अवस्थी ने पास ही लगी अंडे की ठेली से चाकू उठाकर एंजेल पर हमला कर दिया। इस हमले में एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया।


परिजन खुद लेकर पहुंचे अस्पताल
घटना के बाद न तो पीड़ित पक्ष और न ही किसी अन्य व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम या स्थानीय थाना-चौकी को सूचना दी। घायल एंजेल चकमा को उसका भाई और परिचित स्वयं ग्राफिक एरा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।


अस्पताल पहुंचने से मौत तक का पूरा घटनाक्रम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 9 दिसंबर की शाम 6 बजकर 48 मिनट पर एंजेल चकमा अस्पताल पहुंचा। रात 7 बजकर 2 मिनट पर उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जहां डॉ. राशिद एडी ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। न्यूरो सर्जन डॉ. पीयूष पांडे की देखरेख में इलाज चलता रहा, लेकिन 26 दिसंबर को इलाज के दौरान एंजेल चकमा की मौत हो गई।


फरार आरोपी पर इनाम बढ़कर एक लाख
इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे अब पुलिस मुख्यालय की ओर से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।


पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मृतक के परिजनों को त्वरित राहत देने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून को आख्या भेजी गई थी। इसके बाद सोमवार को मृतक के स्वजनों को 4 लाख 12 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता की पहली किस्त उपलब्ध करा दी गई।


निष्कर्ष
एंजेल चकमा हत्याकांड को लेकर पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जहां एक ओर नस्लीय टिप्पणी के आरोपों को अब तक निराधार बताया गया है, वहीं दूसरी ओर फरार मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव कार्रवाई की जाएगी।

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