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एंजेल चकमा हत्याकांड: फरार आरोपी पर शिकंजा, नेपाल भागने की आशंका, एक लाख का इनाम और एसआईटी गठित

देहरादून | सेलाकुई | 29 दिसंबर 2025

मामूली विवाद बना जानलेवा हमला
देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में हुए एंजेल चकमा हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। त्रिपुरा निवासी युवक एंजेल चकमा पर कुछ युवकों ने मामूली विवाद के बाद चाकू और हाथ के कड़े से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल एंजेल को ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर और कान के आसपास गहरी चोटें बताई गई हैं। इन चोटों की गंभीरता के चलते एंजेल की जान नहीं बचाई जा सकी।


मुख्य आरोपी पर इनाम बढ़ाकर एक लाख
एंजेल चकमा हत्याकांड के मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पर पुलिस ने इनाम की राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। यज्ञ राज मूल रूप से नेपाल के कंचनपुर का निवासी है और फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस को आशंका है कि वह नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में छिपा हुआ है, जिसके चलते सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।


एसआईटी गठित, जांच में आई तेजी
मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि 9 दिसंबर को हुई इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विकासनगर की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।


सीसीटीवी से सामने आए छह आरोपी
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में कुल छह आरोपी इस हमले में शामिल पाए गए। इनमें से पांच आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।


एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार द्वारा प्रस्तुत मृतक के जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मामले में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इसके तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।


परिजनों को आर्थिक मदद
एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से 29 दिसंबर को मृतक के परिजनों को 4 लाख 12 हजार 500 रुपये की एक किस्त आर्थिक सहायता के रूप में भेजी गई है। एसएसपी ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।


नस्लभेदी टिप्पणी के आरोपों पर पुलिस का स्पष्टीकरण
एसएसपी अजय सिंह ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में नस्लभेदी टिप्पणी से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी पक्ष के दो लोग भी उसी सामाजिक परिवेश से आते हैं—मुख्य आरोपी नेपाली मूल का है, जबकि दूसरा आरोपी मणिपुर का निवासी है। साथ ही पीड़ित पक्ष की तहरीर में भी नस्लभेदी टिप्पणी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, भविष्य में यदि इस तरह का कोई प्रमाण सामने आता है तो उस दिशा में भी जांच की जाएगी।


निष्कर्ष
एंजेल चकमा हत्याकांड में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच को तेज कर दिया है। एसआईटी गठन, इनाम की राशि बढ़ाने और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी से यह साफ है कि पुलिस मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। वहीं, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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