देहरादून | उत्तराखंड | दिनांक: 8 फरवरी 2026
उत्तराखंड सरकार ने एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10 फरवरी को देहरादून से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य की एकल महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकारी योजना के तहत महिलाओं को परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जबकि लाभार्थी को केवल 25 प्रतिशत राशि स्वयं वहन करनी होगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
कौन होंगी योजना की पात्र महिलाएं
इस योजना के अंतर्गत राज्य की अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्ता, निराश्रित, ट्रांसजेंडर, एसिड पीड़ित एवं अपराध पीड़ित महिलाएं पात्र होंगी। पात्रता के लिए महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि वार्षिक आय 72 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
शुरुआती चरण में 484 महिलाओं का चयन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, योजना के पहले चरण में दो हजार महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, विभिन्न जिलों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अब तक 484 महिलाओं का चयन कर लिया गया है। चयनित महिलाओं में बागेश्वर से 42, देहरादून से 191, नैनीताल से 75, पौड़ी गढ़वाल से 66, टिहरी गढ़वाल से 23 और ऊधमसिंह नगर से 87 महिलाएं शामिल हैं।
डेढ़ लाख रुपये तक मिलेगा अनुदान
योजना के तहत महिलाओं को 50 से 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपये तक रखी गई है। इससे महिलाएं अपने स्वरोजगार को शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकेंगी।
इन क्षेत्रों में कर सकेंगी स्वरोजगार
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत महिलाएं टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर, बेकरी, जनरल स्टोर, छोटी दुकान सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों में अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। विभाग का कहना है कि अन्य जिलों से भी पात्र महिलाओं के आवेदनों के आधार पर चयन की प्रक्रिया जारी है।
योजना की शुरुआत ऐसे होगी
10 फरवरी को होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विभिन्न जिलों से पांच-पांच चयनित महिलाओं को आमंत्रित कर योजना की शुरुआत करेंगे। इससे अन्य महिलाओं को भी योजना से जुड़ने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने बताया कि जिला स्तर से प्राप्त आवेदनों के आधार पर महिलाओं का चयन किया गया है और आगे भी पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अब तक की सभी सरकारी योजनाओं में यह पहली योजना है, जिसमें एकल महिलाओं को केंद्र में रखकर स्वरोजगार का अवसर दिया गया है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना उत्तराखंड की एकल महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के अवसरों के माध्यम से यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उनके आत्मसम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा देगी।


