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एम्स ऋषिकेश की महिला कर्मी की हत्या पर महिला आयोग सख्त, आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश

ऋषिकेश (देहरादून) | 1 फरवरी 2026

उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवाजीनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। एम्स ऋषिकेश में संविदा पर कार्यरत 32 वर्षीय महिला कर्मचारी प्रीति रावत की उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो समाज के लिए नजीर बने। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रीति रावत मूल रूप से यमकेश्वर क्षेत्र की निवासी थीं और ऋषिकेश के शिवाजीनगर में एक किराए के मकान में अकेली रह रही थीं। शनिवार रात करीब 9:30 बजे आरोपी उनके घर पहुंचा और विवाद के बाद उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।


पुलिस जांच में सामने आया है कि मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग और शादी के दबाव से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी मृतका से विवाह करना चाहता था और इसी दबाव में उसने अपनी पत्नी को तलाक भी दे दिया था। जब प्रीति रावत ने शादी से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट से फोन पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपी की तलाश के लिए दबिश तेज की जाए और पीड़िता के परिजनों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।


प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


निष्कर्ष:
एम्स ऋषिकेश की महिला कर्मी की निर्मम हत्या ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला आयोग की सख्ती और पुलिस की सक्रियता से पीड़िता के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। अब सबकी निगाहें आरोपी की गिरफ्तारी और कानून द्वारा दी जाने वाली सख्त सजा पर टिकी हैं।

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