देहरादून | दिनांक: 30 मार्च 2026
देहरादून पुलिस ने विदेशी नागरिकों के सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो महिलाएं उज्बेकिस्तान की हैं, जो नेपाल के रास्ते बिना वीजा भारत में दाखिल हुई थीं, जबकि तीसरी महिला किर्गिस्तान की है, जो वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रही थी।
रायपुर क्षेत्र में सत्यापन अभियान के दौरान खुलासा
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘क्रैकडाउन’ के तहत रविवार को रायपुर थाना पुलिस ने क्षेत्र में सघन सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान साईं कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर तीन विदेशी महिलाएं रह रही थीं।
पुलिस टीम ने जब उनसे पहचान और वीजा से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो वे टालमटोल करने लगीं। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने दस्तावेज पेश किए, जिनकी जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं।
फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड बरामद
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों महिलाओं के पास से फर्जी आधार कार्ड समेत कई नकली भारतीय दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज अवैध रूप से भारत में रहने के लिए तैयार किए गए थे। पुलिस ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और उन्हें जांच के दायरे में लिया गया है।
ऐसे हुई भारत में एंट्री और पहचान
पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम इरिका (किर्गिस्तान), करीना और निगोरा नीम (उज्बेकिस्तान) बताए।
- इरिका ने बताया कि वह वर्ष 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी वापस नहीं लौटी।
- वहीं करीना और निगोरा ने स्वीकार किया कि वे वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल बॉर्डर के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुईं और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर रह चुकी हैं।
दिल्ली में हुई मुलाकात, वहीं बने फर्जी दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, तीनों महिलाओं की आपस में मुलाकात दिल्ली में हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने परिचितों के माध्यम से अपने नाम से फर्जी भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराए, ताकि भारत में आसानी से रह सकें।
पहले भी जेल जा चुकी है एक आरोपी
एसएसपी ने बताया कि आरोपी निगोरा को पहले भी बिहार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद भी वह अपने देश वापस नहीं गई और दोबारा अवैध रूप से भारत में रह रही थी।
कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को भेजा गया जेल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
निष्कर्ष
देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश में रहने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। आने वाले समय में इस तरह के अभियानों से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।


