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कालसी के पास गहरी खाई में गिरी यूटिलिटी, महिला समेत तीन की मौत, पांच घायल

विकासनगर | दर्दनाक सड़क हादसा

विकासनगर (देहरादून), उत्तराखंड | दिनांक: 10 फरवरी 2026

कालसी तहसील क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बैराटखाई–गागंरोऊ मोटर मार्ग पर वायाधार के पास एक यूटिलिटी वाहन अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।


गांव से विकासनगर जा रहा था वाहन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूटिलिटी वाहन गागंरोऊ गांव से सवारियों को लेकर विकासनगर की ओर जा रहा था। वाहन में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे। कालसी के समीप अचानक वाहन संतुलन खो बैठा और सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।


रेस्क्यू में जुटा प्रशासन और स्थानीय लोग

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। राजस्व पुलिस, एसडीएम कार्यालय की टीम और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।


तीन महिलाओं की गई जान

इस दुर्घटना में गांगरों निवासी लूसो देवी (65 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई।
गीता देवी (35 वर्ष) निवासी कुस्यौ ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
वहीं धनौ देवी (53 वर्ष) निवासी चिटाड़ की हायर सेंटर ले जाते समय मौत हो गई।


पांच घायलों का उपचार जारी

हादसे में घायल हुए पांच लोगों को उप जिला अस्पताल विकासनगर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


टायर निकलने से हुआ हादसा

वाहन चालक रमेश ने प्रारंभिक बयान में बताया कि यूटिलिटी वाहन का पिछला टायर अचानक निकल गया, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और खाई में गिर गया। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।


प्रशासन की पुष्टि

एसडीएम कालसी प्रेमलाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है और पांच लोग घायल हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


निष्कर्ष

कालसी क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है। संकरे और जोखिम भरे मार्गों पर वाहनों की नियमित जांच, गति नियंत्रण और सतर्क ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोक सकती है। प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होना अनिवार्य है।

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