स्थान: देहरादून/हरिद्वार | दिनांक: 21 मार्च 2026
हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले से पहले बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। ज्वालापुर स्थित 132 केवी सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाने की लंबे समय से लंबित योजना को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद सबस्टेशन की कुल क्षमता 200 एमवीए तक पहुंच जाएगी।
पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर आयोग ने 21.51 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के तहत एक नया 80 एमवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे मौजूदा बिजली ढांचे को मजबूती मिलेगी।
वर्तमान में ज्वालापुर सबस्टेशन में 3×40 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं, जबकि इस पर लगभग 373 एमवीए का कनेक्टेड लोड निर्भर है। लगातार बढ़ती बिजली मांग के चलते यह सबस्टेशन अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रहा है। जुलाई 2025 में यहां ट्रांसफार्मरों पर 100 प्रतिशत से अधिक लोड दर्ज किया गया था, जिससे सिस्टम पर दबाव की स्थिति बनी हुई थी।
यह सबस्टेशन हरिद्वार शहर, ज्वालापुर क्षेत्र और बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। आने वाले कुंभ मेले के दौरान बिजली की मांग में भारी वृद्धि की संभावना को देखते हुए इस परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2029 तक अधिकतम बिजली मांग 179 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
आयोग ने परियोजना के तहत पुराने 40 एमवीए ट्रांसफार्मरों में से एक को हटाकर उसकी जगह 80 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मंजूरी दी है। इससे सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 200 एमवीए हो जाएगी, जिससे भविष्य की जरूरतों को पूरा करना संभव होगा।
वित्तीय पहलुओं पर भी आयोग ने संशोधन किया है। पिटकुल द्वारा प्रस्तावित 23.55 करोड़ रुपये की लागत को घटाकर 21.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना की 70 प्रतिशत राशि ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।
आयोग ने पिटकुल को निर्देश दिए हैं कि वह 30 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करे। साथ ही, कार्यों के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया अपनाने तथा हर तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो सके।
निष्कर्ष
कुंभ मेले जैसे बड़े आयोजन से पहले ज्वालापुर सबस्टेशन का अपग्रेड उत्तराखंड की बिजली व्यवस्था के लिए एक अहम कदम है। इससे न केवल बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि आपूर्ति की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। आने वाले समय में यह परियोजना हरिद्वार को निर्बाध और सुदृढ़ बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


