स्थान: देहरादून/केदारनाथ, उत्तराखंड
तारीख: 17 मार्च 2026
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मंदिरों में प्रवेश को लेकर सख्त नियमों की घोषणा की है, जिससे धार्मिक आस्था और परंपराओं को प्राथमिकता दी जा सके।
गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक का निर्णय
BKTC द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी दी गई कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर-सनातन धर्म मानने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला हाल ही में हुई बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
समिति का कहना है कि यह निर्णय मंदिरों की पौराणिक परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
सारा अली खान के सवाल पर स्पष्ट रुख
अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन को लेकर उठे सवाल पर BKTC अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि धर्म किसी व्यक्ति के नाम या पहचान से नहीं, बल्कि उसकी आस्था से तय होता है।
उन्होंने कहा,
“जो भी सनातन धर्म में विश्वास और आस्था रखता है, वह सनातनी है। यदि सारा अली खान केदारनाथ दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें शपथ पत्र देना होगा कि उनकी आस्था सनातन धर्म में है।”
मंदिर परिसर में मोबाइल पर सख्ती
BKTC ने मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं के बीच अनुशासन और पवित्रता बनी रहे।
सीएम धामी का बयान
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी।
सीएम धामी ने कहा,
“हम बोर्ड के प्रस्तावों, कानून, एक्ट और पौराणिक परंपराओं का गहन अध्ययन करेंगे, उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
निष्कर्ष
चारधाम यात्रा 2026 से पहले BKTC के ये फैसले धार्मिक आस्था और परंपराओं को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रहे हैं। जहां एक ओर समिति इन नियमों को सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए जरूरी बता रही है, वहीं दूसरी ओर इन फैसलों पर व्यापक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार और बोर्ड के अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


