कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) | 20 मार्च 2026 (शुक्रवार)
उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में गुलदार का आतंक एक बार फिर सामने आया है। पोखड़ा रेंज के अंतर्गत ग्राम धस्माणी में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां एक 11 वर्षीय बच्चे को गुलदार घर से उठाकर ले गया।
घर से उठाकर 20-25 मीटर दूर ले गया गुलदार
जानकारी के अनुसार, दीपक सिंह (11 वर्ष), पुत्र सतेंद्र सिंह, अपने घर के पास ही था तभी अचानक घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। गुलदार बच्चे को मुंह में दबाकर करीब 20 से 25 मीटर दूर जंगल की ओर ले गया।
घटना के दौरान परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों के शोर से बची मासूम की जान
परिजनों और ग्रामीणों ने जब शोर मचाया और गुलदार का पीछा किया, तो वह घबराकर बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, तब तक बच्चा बुरी तरह घायल हो चुका था।
प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर
घायल बच्चे को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांवखाल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला चिकित्सालय पौड़ी रेफर किया गया।
पौड़ी में भी स्थिति चिंताजनक बनी रहने पर चिकित्सकों ने दीपक को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया है।
क्षेत्र में दहशत, वन विभाग पर उठे सवाल
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले भी इस इलाके में गुलदार की आवाजाही देखी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
निष्कर्ष: बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर जरूरी कदम
कोटद्वार की यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाएं प्रशासन और वन विभाग के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ही ऐसे हादसों को रोकने का एकमात्र उपाय है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहकर बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी गई है।


