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कोटद्वार में महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल का औचक निरीक्षण, महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल की कार्यप्रणाली परखी

कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) | 14 मार्च 2026

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शनिवार को कोटद्वार पहुंचकर महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली, दर्ज मामलों की स्थिति और काउंसलिंग प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


काउंसलिंग प्रक्रिया में स्वयं हुईं शामिल

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला हेल्प डेस्क में चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्वयं भी काउंसलिंग में भाग लिया और वहां मौजूद दोनों पक्षों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।

उन्होंने आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास करते हुए कहा कि ऐसे मंचों का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं बल्कि परिवारों को टूटने से बचाना भी है।


540 मामलों का किया गया निस्तारण

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने हेल्प डेस्क प्रभारी से वर्ष 2025-26 में पंजीकृत मामलों की विस्तृत जानकारी ली।

समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक कुल 540 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वहीं जनवरी और फरवरी 2026 के शुरुआती महीनों में अब तक 112 नए मामले दर्ज हुए हैं, जिन पर वर्तमान में सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया जारी है।


साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

महिला हेल्प डेस्क के निरीक्षण के बाद कुसुम कंडवाल ने साइबर सेल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े ऑनलाइन अपराध, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर बेटियों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


निजी संस्थानों में ICC कमेटी की जानकारी देने के निर्देश

अध्यक्ष ने कहा कि निजी संस्थानों में काम करने वाली महिलाओं को कार्यस्थल पर उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के लिए गठित ICC (Internal Complaints Committee) के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए।


पुलिस और प्रशासन का रहा सहयोग

इस निरीक्षण के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। मौके पर कोटद्वार थाना प्रभारी प्रदीप नेगी, महिला हेल्पलाइन प्रभारी एसआई दीपिका बिष्ट तथा महिला आयोग की अध्यक्ष के निजी सचिव आधार वर्मा भी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और परिवारों को टूटने से बचाना शासन और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिला हेल्प डेस्क और साइबर सेल को और अधिक प्रभावी बनाकर महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।

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