देहरादून | 24 मार्च 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण कर रसोई गैस (PNG/LPG) आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट संचालकों से सीधे संवाद कर गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेंट संचालक से गैस आपूर्ति के बारे में विस्तार से पूछताछ की। संचालक ने बताया कि हाल के दिनों में गैस सप्लाई में थोड़ी कमी जरूर देखने को मिली है, लेकिन फिलहाल नियमित रूप से गैस उपलब्ध हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए रेस्टोरेंट में तंदूर का अधिक उपयोग किया जा रहा है।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
मुख्यमंत्री धामी ने रेस्टोरेंट संचालक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के वैकल्पिक उपाय मौजूदा परिस्थितियों में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी बड़े संकट की स्थिति नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देशभर में गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
मुख्यमंत्री ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी अपील की कि वे गैस का उपयोग सोच-समझकर करें और जरूरत पड़ने पर संयम बरतें। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई चुनौती आती है, तो कोरोना काल की तरह देशवासी एकजुट होकर उसका सामना करेंगे।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
निष्कर्ष:
गढ़ी कैंट में मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक सतर्कता का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार संभावित परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार रहना चाहती है। फिलहाल गैस आपूर्ति सामान्य है, लेकिन वैकल्पिक उपायों और जनसहयोग से किसी भी संभावित संकट से निपटने की रणनीति स्पष्ट रूप से सामने आई है।


