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गुंडई का तांडव: 45 मिनट तक सड़क पर आतंक, दुकानों में तोड़फोड़, राहगीरों की पिटाई, पुलिस से हाथापाई

विकासनगर (देहरादून) | शनिवार रात | 1 फरवरी 2026

डाकपत्थर रोड पर शनिवार रात विकासनगर ने ऐसा मंजर देखा, जिसने लोगों को दहशत में डाल दिया। नशे में धुत दो युवकों ने करीब 45 मिनट तक सड़क को रणक्षेत्र बना दिया। तेज रफ्तार कार से शुरू हुई गुंडई ने दुकानों में तोड़फोड़, राहगीरों की बेरहमी से पिटाई और पुलिसकर्मियों से हाथापाई तक का रूप ले लिया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डाकपत्थर की ओर से विकासनगर आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर दुकानों की ओर घुस गई। कार ने दुकानों के बाहर रखे मिट्टी के दीये, सामान, फास्ट फूड सेंटर के काउंटर और खड़ी बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार सवार दोनों युवक नशे में दुकानदारों पर कांच की बोतलें फेंकने लगे।


इस हमले में संजय यादव की पत्नी रीना यादव घायल हो गईं, जबकि एक बुजुर्ग समेत कई अन्य लोगों को भी चोटें आईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बाजार में चीख-पुकार गूंज उठी।


स्थिति यहीं नहीं रुकी। जीवनगढ़ निवासी अंशुल चौहान और अधिक आक्रामक हो गया। उसने अपनी शर्ट उतार दी और राह चलते लोगों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोक-रोककर पीटना शुरू कर दिया। करीब 15 लोगों के साथ मारपीट की गई। सड़क पर जगह-जगह खून के धब्बे फैल गए।


सूचना मिलने पर चीता पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। हालात बिगड़ते देख बाजार चौकी प्रभारी मयंक त्यागी भी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान आरोपी अंशुल चौहान ने चौकी प्रभारी की वर्दी पर लगे स्टार तक नोच लिए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को काबू कर बाजार चौकी पहुंचाया।


घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ विकासनगर भास्कर लाल शाह, वरिष्ठ उप निरीक्षक शिशुपाल सिंह राणा, चौकी प्रभारी हरबर्टपुर सनोज कुमार सहित भारी पुलिस बल चौकी पर तैनात किया गया। डाकपत्थर रोड निवासी रीना यादव और मंडी चौक निवासी चरणजीत की तहरीर पर जीवनगढ़ निवासी अंशुल चौहान और पहाड़ी गली निवासी केशव चावला के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों की चिकित्सकीय जांच भी कराई गई है।


सांप्रदायिक तनाव की आशंका से बढ़ी चिंता

घटना में घायल रीना यादव के पूर्व मामलों के चलते कुछ देर के लिए सांप्रदायिक तनाव की आशंका भी पैदा हो गई। सूचना फैलते ही घटनास्थल और चौकी पर लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपी हिंदू हैं, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।


चौकी में भी नहीं थमी बदसलूकी

चौकी में शिकायत दर्ज कराने के दौरान भी आरोपी अंशुल चौहान ने पीड़ित चरणजीत से अभद्रता की और आपत्तिजनक टिप्पणी की। आरोपी की उग्रता को देखते हुए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चौकी परिसर से भीड़ को हटाया गया।


शहर में दहशत का माहौल

विकासनगर जैसे शांत इलाके में इस तरह की गुंडई से लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी वजह के राह चलते लोगों को पीटा गया। जिनके खून के निशान सड़क पर दिख रहे हैं, वे न तो आरोपियों को जानते थे और न ही किसी विवाद में शामिल थे—वे सिर्फ वहां से गुजर रहे थे।


व्यापारियों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमकर गुप्ता और महामंत्री भारत कालड़ा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।


पुलिस का बयान

एसपी देहात विकासनगर पंकज गैरोला ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष:
डाकपत्थर रोड पर हुई यह घटना सिर्फ गुंडई नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा पर सीधा हमला है। 45 मिनट तक खुलेआम तांडव ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि ऐसे तत्वों पर कितना सख्त शिकंजा कसा जाता है, ताकि भविष्य में कोई भी सड़क को अखाड़ा न बना सके।

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