देहरादून | दिनांक: 14 फरवरी 2026
झारखंड में चल रही दो कुख्यात गिरोहों की वर्चस्व की जंग का खौफनाक अंजाम देहरादून में देखने को मिला, जहां गैंगस्टर विक्रम शर्मा की साजिशन हत्या कर दी गई। हत्या का असली निशाना कोई और था, लेकिन गोलियों का शिकार गुरु बन गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात झारखंड के गणेश सिंह गिरोह द्वारा रची गई सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, झारखंड में गणेश सिंह गिरोह और अखिलेश सिंह गिरोह के बीच बीते करीब 25 दिनों से वर्चस्व को लेकर तीखा टकराव चल रहा था। इस संघर्ष में अखिलेश गिरोह का पलड़ा भारी माना जा रहा था। गणेश गिरोह अखिलेश गैंग को कमजोर करना चाहता था और इसी कड़ी में पहले अखिलेश के राइट हैंड कन्हैया सिंह को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।
हालांकि, कन्हैया सिंह पर हमला सफल नहीं हो पाया। इसके बाद गणेश गिरोह ने रणनीति बदली और अखिलेश सिंह के गुरु एवं गैंग के सरगना विक्रम शर्मा को ठिकाना बनाने का फैसला किया। विक्रम शर्मा उस समय देहरादून में रह रहा था, जिसे गणेश गिरोह ने आसान लक्ष्य माना।
जांच में यह भी सामने आया है कि झारखंड में अखिलेश गिरोह का प्रभाव इतना मजबूत है कि वहां सीधे किसी सदस्य पर हमला करना गणेश गिरोह के लिए जोखिम भरा था। इसी कारण देहरादून में रह रहे विक्रम शर्मा को मारकर पूरे गिरोह को मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची गई।
पुलिस के मुताबिक, विक्रम शर्मा 1 जनवरी को राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने के लिए देहरादून से झारखंड के जमशेदपुर गया था। इसी दौरान गणेश गिरोह के शूटर—आकाश प्रसाद, आशुतोष और विशाल—देहरादून पहुंचे और विक्रम के ठिकानों की गहन रेकी की। शूटरों को लगा कि विक्रम की अनुपस्थिति में तैयारी करना ज्यादा सुरक्षित और आसान रहेगा।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों शूटर हिमाचल प्रदेश होते हुए हरियाणा की ओर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस मामले में अमर सिंह गैंग का कनेक्शन भी सामने आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि इन्हीं शूटरों पर अमर सिंह की हत्या का भी आरोप है। इतना ही नहीं, शूटरों को फरार कराने में अमर सिंह गैंग की मदद मिलने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
निष्कर्ष:
विक्रम शर्मा की हत्या केवल एक व्यक्ति की जान लेने की घटना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय गैंगवार की खतरनाक तस्वीर को उजागर करती है। झारखंड की वर्चस्व लड़ाई ने देहरादून की शांति को लहूलुहान कर दिया। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि फरार शूटरों को जल्द गिरफ्तार कर इस संगठित अपराध नेटवर्क की कमर तोड़ी जाए, ताकि गैंगवार की यह आग और न भड़के।


