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गैरसैंण बजट सत्र के बाद देहरादून में कांग्रेस का हमला, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बोले— लोकतांत्रिक परंपराओं का हुआ उल्लंघन

राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही बजट पेश करने पर उठाए सवाल, सरकारी जमीन निजी हाथों में देने की तैयारी का भी लगाया आरोप


देहरादून | 15 मार्च 2026

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में संपन्न हुए बजट सत्र के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित संसदीय परंपराओं की अनदेखी की गई, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।


राज्यपाल के अभिभाषण के दिन बजट पेश करना परंपरा के खिलाफ

प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही बजट पेश करना स्थापित संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा होती है, लेकिन इस बार सरकार ने उसी दिन बजट पेश कर दिया, जिससे परंपरागत प्रक्रिया को दरकिनार किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है।


बजट चर्चा के दौरान मंत्रियों और विधायकों की कम मौजूदगी

यशपाल आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि बजट चर्चा के दौरान सदन में मंत्रियों और भाजपा विधायकों की उपस्थिति बेहद कम रही।

उनका कहना था कि यह स्थिति सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब राज्य के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज—बजट—पर चर्चा हो रही थी, तब सत्ता पक्ष के कई सदस्य सदन में मौजूद ही नहीं थे।


सरकारी जमीन निजी हाथों में देने की तैयारी का आरोप

प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने सरकार पर कीमती सरकारी जमीनों को निजी हाथों में देने की तैयारी का भी गंभीर आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकासनगर, मसूरी और यमुना कॉलोनी में सिंचाई विभाग और अन्य सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई जा रही है।

कांग्रेस का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो यह राज्य की सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाला कदम होगा।


राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने राज्य के बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार को घेरा। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, लेकिन इसके साथ ही राज्य पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक राज्य पर कुल कर्ज का आंकड़ा अब लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां पैदा कर सकता है।


बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दों से बचने का आरोप

प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सदन में बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने की कोशिश की।

उनका कहना था कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कराने के बजाय सरकार ने केवल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया, जिससे जनता से जुड़े मुद्दे पीछे रह गए।


निष्कर्ष

गैरसैंण बजट सत्र के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी और जनता से जुड़े मुद्दों की उपेक्षा का आरोप लगा रहा है, वहीं आने वाले दिनों में इन आरोपों को लेकर राज्य की राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इन मुद्दों को जनता के बीच भी उठाएगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी।

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