देहरादून | उत्तराखंड
दिनांक: 9 फरवरी 2026
शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की गौरवशाली स्मृति को समर्पित गोरखा हिमालयन फेस्टिवल 2026 को लेकर देहरादून में उत्साह का माहौल है। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 20, 21 और 22 फरवरी 2026 को महेन्द्र ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य गोरखा समाज की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और शौर्य परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना है।
इस महोत्सव के आयोजन को लेकर शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मेमोरियल ट्रस्ट के प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह थापा (HIMALAYAS) ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणादायक भी है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने स्तर से हर संभव सहयोग कर रहे हैं।
सुरेंद्र सिंह थापा ने आयोजकों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि आयोजन के बैनर और प्रचार सामग्री में शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की तस्वीर को प्रमुखता से शामिल किया जाता, तो अन्य समुदायों के लोग भी उनके बारे में अधिक जान पाते और उन्हें और व्यापक स्तर पर सम्मान मिलता। उनका मानना है कि इससे शहीद की पहचान और उनके बलिदान का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकता है।
तीन दिन चलेगा सांस्कृतिक उत्सव
गोरखा हिमालयन फेस्टिवल 2026 के दौरान पारंपरिक लोकनृत्य, लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, वीर गाथाओं का मंचन और समाज से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह महोत्सव प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 10:30 बजे तक चलेगा, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पूर्व सैनिक, युवा और विभिन्न समुदायों के नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस आयोजन में गोर्खाली सुधार सभा का विशेष सहयोग रहेगा। आयोजकों का कहना है कि महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और शहीदों के बलिदान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सार्वजनिक आमंत्रण
आयोजक संस्था शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से प्रदेशवासियों और देशभर के नागरिकों को इस सांस्कृतिक महोत्सव में सादर आमंत्रित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग शहीद की स्मृति को नमन कर सकें और गोरखा समाज की विरासत को करीब से जान सकें।
निष्कर्ष
गोरखा हिमालयन फेस्टिवल 2026 केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि शहीद मेजर दुर्गा मल्ल के बलिदान को जीवंत रखने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का मंच है। आयोजकों के प्रयासों के साथ समाज के सजग नागरिकों के सुझाव इस महोत्सव को और प्रभावशाली बना सकते हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाएगा।


