स्थान: चमोली, उत्तराखंड
तिथि: 2 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब कर्नाटक से आए एक युवक का पैर फिसलने से वह तेज बहाव वाली नदी में बह गया। समय रहते राहत एवं बचाव दल की तत्परता से युवक की जान बचा ली गई।
घटना विष्णुप्रयाग से करीब तीन किलोमीटर आगे स्थित टैया पुल के पास की है। जानकारी के अनुसार, युवक नदी में स्नान कर रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा।
बताया जा रहा है कि कर्नाटक निवासी 25 वर्षीय मोनिश बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड आया था। उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि फिलहाल धाम के कपाट बंद हैं। इसी दौरान वह टैया पुल क्षेत्र में पहुंचा और नदी में नहाने लगा, जहां यह हादसा हो गया।
नदी में बहने के बाद युवक कुछ दूरी पर एक टापू में फंस गया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना तुरंत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल को दी गई।
सूचना मिलते ही State Disaster Response Force की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के बाद युवक को प्राथमिक उपचार के लिए गोविंद घाट अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों के किनारे सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है, खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए जो यहां के भौगोलिक हालात से पूरी तरह परिचित नहीं होते।
निष्कर्ष
चमोली में हुई इस घटना में समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। एसडीआरएफ की तत्परता और स्थानीय लोगों की सजगता के कारण युवक की जान बच सकी। यह घटना सभी यात्रियों के लिए एक चेतावनी भी है कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक स्थलों पर विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य है।


