देहरादून, दिनांक: 2 फरवरी 2026
देहरादून जनपद में महज छह दिनों के भीतर हुई तीन नृशंस हत्याओं ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विकासनगर, ऋषिकेश और राजधानी देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर हुई इन वारदातों से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विकासनगर: छात्रा की निर्मम हत्या से सनसनी
28 जनवरी को विकासनगर के ढालीपुर क्षेत्र में 12वीं की छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतका का चचेरा भाई उसे दवा दिलाने के बहाने घर से साथ ले गया था। देर शाम तक वापस न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद शक्तिनहर के किनारे झाड़ियों में युवती का शव बरामद हुआ।
जांच में सामने आया कि युवती के सिर पर गहरे घाव थे, मुंह पत्थर से कुचला गया था और हाथ की अंगुलियां भी कटी हुई थीं। मौके से बाइक, दरांती और पत्थर बरामद किए गए हैं। मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी चचेरे भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, जो घटना के बाद से फरार है।
ऋषिकेश: घर में घुसकर महिला को मारी गोली
31 जनवरी की रात ऋषिकेश के शिवाजी नगर क्षेत्र में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 35 वर्षीय प्रीति, जो एम्स ऋषिकेश में अटेंडेंट के पद पर कार्यरत थी, किराये के मकान में अकेली रहती थी। शनिवार रात करीब 10 बजे एक व्यक्ति उसके घर पहुंचा और दरवाजा खुलते ही उसने गोली चला दी।
गोली प्रीति के सीने में लगी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। गंभीर हालत में प्रीति को एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बाद में सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतका यमकेश्वर की रहने वाली और तलाकशुदा बताई गई है।
देहरादून: दिनदहाड़े युवती की सरेआम हत्या
सोमवार सुबह राजधानी देहरादून के मछली बाजार स्थित दूल्हा बाजार में 22 वर्षीय गुंजन की सरेआम चापड़ से गला रेतकर हत्या कर दी गई। यह घटना इसलिए भी अधिक गंभीर मानी जा रही है क्योंकि गुंजन ने पहले ही खुड़बुड़ा चौकी में आरोपी आकाश कुमार के खिलाफ धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी।
युवती ने पुलिस को बताया था कि आरोपी उसे लगातार धमका रहा है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को तलाश नहीं सकी और उसने बीच बाजार इस दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दे दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: पुलिस पर सीधा हमला
लगातार हो रही हत्याओं को लेकर भाजपा की प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने गुंजन की शिकायत को नजरअंदाज किया, उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नेहा जोशी ने कहा,
“कुछ पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता के कारण ही महिलाएं और लड़कियां पुलिस तक पहुंचने से डरती हैं। जो साहस कर शिकायत करती हैं, उनकी भी अनदेखी होती है। ऐसे कर्मियों के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं और वे इन जघन्य वारदातों को अंजाम देते हैं।”
महिला आयोग सख्त, अधिकारियों को तलब करने के संकेत
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भी पुलिस की लापरवाही पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि गुंजन की शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो एक मासूम युवती की जान बचाई जा सकती थी।
कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट कहा,
“पुलिस की इस ढिलाई और असंवेदनशीलता को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को तलब किया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करना भी अपराध में भागीदारी के समान है।”
निष्कर्ष
देहरादून में छह दिनों के भीतर तीन हत्याएं केवल आपराधिक घटनाएं नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर चूक का संकेत हैं। शिकायतों की अनदेखी, समय पर कार्रवाई का अभाव और पुलिस की ढिलाई ने अपराधियों को बेखौफ बना दिया है। यदि कानून व्यवस्था को लेकर तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो राजधानी में आमजन और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा पर संकट और गहराता जाएगा। अब जरूरत है जवाबदेही तय करने और भरोसा बहाल करने की।


