देहरादून, 23 फरवरी 2026
डालनवाला क्षेत्र के सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी 2026 को हुई सनसनीखेज हत्या का खुलासा एसटीएफ उत्तराखंड और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने कर दिया है। हत्या की साजिश में शामिल दो अभियुक्तों को पुलिस ने झारखंड और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है, जबकि छह अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। सभी वांछित आरोपियों पर एसएसपी देहरादून द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
सिल्वर सिटी मॉल में मारी गई थी गोली
13 फरवरी को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि सिल्वर सिटी मॉल में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की, जो अमन विहार, रायपुर निवासी विक्रम शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा का था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी गढ़वाल, एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ ने मौके पर पहुंचकर जांच का जायजा लिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
आपराधिक पृष्ठभूमि और पुरानी रंजिश
जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास व रंगदारी जैसे कई मामलों में वांछित रहा है। वह कई मामलों में जमानत पर बाहर था।
पुलिस जांच में झारखंड के गिरोह की संलिप्तता की आशंका पर विशेष टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर तीन शूटरों द्वारा बाइक से घटना को अंजाम देने और फिर सहस्त्रधारा रोड पर बाइक छोड़कर दूसरी बाइक व स्कूटी से हरिद्वार भागने की पुष्टि हुई।
किराये के वाहन और स्कॉर्पियो से फरारी
घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक सहस्त्रधारा रोड से बरामद की गई, जो झारखंड निवासी जितेंद्र कुमार साहू के नाम पंजीकृत थी। हरिद्वार में किराये पर ली गई बाइक और स्कूटी आकाश कुमार प्रसाद की आईडी से ली गई थीं और भुगतान राजकुमार की यूपीआई से हुआ था।
इसके बाद आरोपी काली स्कॉर्पियो (जेएच-05-डीजेड-5517) से फरार हुए, जो जमशेदपुर में सारिका इंटरप्राइजेज के मालिक यशराज के नाम दर्ज है।
झारखंड और नोएडा से गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने 19 फरवरी को जमशेदपुर से राजकुमार पुत्र शिवदत्त को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसके बेटे यशराज और अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई।
23 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के एल्फा-2 अपार्टमेंट से स्कॉर्पियो बरामद कर मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर (बीबीए छात्र) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
जिम में घुसकर रची गई थी साजिश
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता आशुतोष सिंह अपराध की दुनिया में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता था। जेल में विशाल सिंह का विक्रम के करीबी से विवाद हुआ था, जिसके बाद बदले की भावना से हत्या की योजना बनी।
करीब तीन माह पहले अंकित वर्मा ने उसी जिम को जॉइन किया, जहां विक्रम रोज आता था। घटना के दिन अंकित ने ही फोन कर विक्रम के जिम में होने की सूचना दी। जिम से बाहर निकलते समय आशुतोष और विशाल ने गोली मारकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी हरिद्वार पहुंचे, किराये के वाहन लौटाए और स्कॉर्पियो से नोएडा फरार हो गए।
गिरफ्तार और वांछित आरोपी
गिरफ्तार:
-
अक्षत ठाकुर उर्फ मोहित, जमशेदपुर
-
राजकुमार, जमशेदपुर
वांछित:
अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह (26), विशाल सिंह (28), आकाश कुमार प्रसाद (28), यशराज, जितेंद्र कुमार साहू
निष्कर्ष
डालनवाला हत्याकांड की साजिश कई महीनों पहले रची गई थी और इसके लिए झारखंड, नोएडा और देहरादून में नेटवर्क तैयार किया गया। एसटीएफ और दून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हत्या का पर्दाफाश हुआ है, हालांकि मुख्य शूटर अब भी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है।
यह मामला अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क और संगठित साजिश का उदाहरण माना जा रहा है।



