देहरादून | दिनांक: 30 मार्च 2026
देहरादून में पुलिस हिरासत के दौरान पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार देर रात थाने की हवालात में बंद पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली और हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पेट्रोल पंप विवाद के बाद हिरासत, रात में मौत
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर एक पेट्रोल पंप पर हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने सुनील रतूड़ी को हिरासत में लिया था। आरोप है कि वह वहां कर्मचारियों से विवाद कर रहे थे। पुलिस उन्हें थाने ले आई, जहां रात के समय उनकी हवालात में मौत हो गई।
पुलिस का दावा है कि सुनील ने हवालात में चादर का एक हिस्सा फाड़कर गेट से लटककर फांसी लगा ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: ‘पार्शियल हैंगिंग’ से गई जान
रविवार को कराए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला ‘पार्शियल हैंगिंग’ (आंशिक फांसी) का है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्थिति में व्यक्ति का पूरा शरीर हवा में नहीं लटकता, बल्कि घुटनों या पैरों का सहारा जमीन से बना रहता है। बताया गया कि सुनील ने घुटनों के बल बैठकर फंदे पर दबाव डाला, जिससे उनकी गर्दन की हड्डी (नेक बोन) टूट गई और मौके पर ही मौत हो गई।
एसएसपी सख्त, उपनिरीक्षक निलंबित
घटना के बाद कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को देखते हुए एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी के दौरान लापरवाही और पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने के आरोप में उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मृतक के पास से मिली नकली पिस्टल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील रतूड़ी के पास से एक नकली पिस्टल बरामद हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह अक्सर इस पिस्टल का इस्तेमाल रौब दिखाने के लिए करते थे। पेट्रोल पंप पर हुए विवाद के दौरान भी इसी पिस्टल के चलते स्थिति बिगड़ी थी। फिलहाल पिस्टल को कब्जे में लेकर जांच में शामिल किया गया है।
पहले भी विवादों में रहा था मृतक
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब एक महीने पहले लच्छीवाला टोल प्लाजा पर भी सुनील का कर्मचारियों के साथ पैसों को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान भी उन्होंने हंगामा किया था, जिसके बाद डोईवाला पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
विसरा सुरक्षित, जांच जारी
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है, हालांकि मामले की गहराई से जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
हिरासत में मौत का यह मामला केवल एक व्यक्ति की असामयिक मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस निगरानी, सुरक्षा प्रोटोकॉल और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है। प्रारंभिक रिपोर्ट भले ही आत्महत्या की ओर इशारा कर रही हो, लेकिन निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी। प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।


